आवासीय सेक्टरों में चल रहे ओयो होटलों के खिलाफ आरडब्ल्यूए पदाधिकारी लामबंद होने लगे हैं। एक सप्ताह से शहर के कई आरडब्ल्यूए ने सोशल मीडिया पर ओयो होटलों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अभियान चला रखा है। आरोप है कि इन होटलों के सेक्टरों और सोसाइटियों में खुलने से माहौल खराब हो रहा है। लगातार पुलिस-प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जा रही है लेकिन दोनों विभागों के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
Oyo Hotels: ओयो होटलों के खिलाफ लामबंद हुए सेक्टरों और सोसाइटियों के लोग, बोले- इनसे हो रहा माहौल खराब
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि आवासीय सेक्टर अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा, जीटा, ईटा, सिग्मा, सेक्टर-36 और 37 के मकानों को किराये पर लेकर ओयो होटल चलाए जा रहे हैं, जबकि सेक्टरों के मकानों में कोई व्यावसायिक गतिविधियां नहीं चलाई जा सकती हैं। सरकारी विभागों के अधिकारी अपनी-अपनी सफाई देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं और ओयो होटलों पर कार्रवाई करने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है। यदि पुलिस-प्रशासन और प्राधिकरण इन पर कार्रवाई नहीं करते हैं तो उनका अभियान सोशल मीडिया से सड़कों पर उतर जाएगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी से मिलकर सेक्टर में खोले गए ओयो होटलों की शिकायत की गई है। उनको तत्काल बंद कराने की मांग की गई है। इनसे माहौल खराब हो रहा है। -अजब सिंह प्रधान, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए
सेक्टर में ओयो होटल खुलने से असामाजिक तत्वों का आना-जाना हो गया है। होटलों के पास बने घर की महिलाओं ने बाहर निकलना भी बंद कर दिया है। आखिर कब तक लोग अपने ही घरों में कैद रहेंगे। -आलोक नागर, महासचिव, डेल्टा-2
सेक्टरों में ओयो होटलों के खुलने पर आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों और सामाजिक संगठनों को एक साथ लाने की कवायद शुरू कर दी है। जल्द ही सभी पदाधिकारी डीसीपी और ग्रेनो प्राधिकरण अधिकारियों से मिलकर समस्या को रखेंगे। -हरेंद्र भाटी, सदस्य, एक्टिव सिटी टीम
सराय एक्ट में नहीं हो रहे पंजीकृत
जिले में जब भी कोई होटल, गेस्ट हाउस और अन्य संस्थान खोला जाता है, तो उसके लिए सराय एक्ट के तहत पंजीकरण कराया जाता है, मगर जिले में ओयो होटल शुरू करने में कोई पंजीकरण नहीं कराया जा रहा है, इसलिए वह सराय एक्ट के अधीन नहीं आ रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जो संस्था सराय एक्ट में पंजीकृत होती है उसी की निगरानी की जाती है।
सराय एक्ट के तहत पंजीकृत संस्थाओं द्वारा मानकों का उल्लंघन किया जाता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -धर्मेंद्र सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट, नोएडा
इस संबंध में संबंधित विभाग से पत्राचार या वार्ता कर अवैध रूप से चलने वाले ओयो होटलों पर अंकुश लगाया जाएगा। संबंधित थानों को नियमित चेकिंग का भी निर्देश दिया जाएगा। -डॉ. मीनाक्षी कात्यायन, डीसीपी
आवासीय सेक्टरों में कोई भी व्यावसायिक गतिविधियां चलाना गैर-कानूनी है। होटल चलाने के लिए प्राधिकरण ने अलग जमीन दी है। आवासीय परिसर में चलने वाले ओयो होटलों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई कराई जाएगी। -सुरेंद्र सिंह, सीईओ, ग्रेनो प्राधिकरण