यमुना में चार दशक की सबसे बड़ी बाढ़ के खतरे के मद्देनजर सरकार भी सचेत है। तमाम विभागों को अलर्ट जारी कर दिया गया है। दिल्ली सरकार के अधिकारियों की आपातकालीन बैठक में बाढ़ व सिंचाई विभाग सहित सरकारी एजेंसियों को सतर्क रहने और पानी की स्थिति पर नजर बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली पुलिस और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की मदद से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को निकालने का निर्देश दिया गया है।
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अरविंद केजरीवाल
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खादर में रहने वालों से अपील की है कि वह बाहर आ जाएं। उन्होंने आशंका जताई है कि कभी भी अचानक पानी आ सकता है। अगले 2 दिन हालात काफी खराब रह सकते हैं। पानी पूरे वेग के साथ कभी भी आ सकता है।
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यमुना किनारे खड़ी बोट
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उन्होंने कहा कि सरकार यमुना के जल स्तर पर निगरानी रखे हुए है। कुल 30 स्थानों पर बोट की तैनाती की गई है। यमुना का पानी जिस तरह बढ़ रहा है, उससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होंगे। सरकारी आंकड़े बताते है कि यमुना खादर में करीब 23,816 लोग रहते हैं। वे झुग्गी खाली नहीं करेंगे तो कभी भी बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। इन लोगों के लिए 2120 अस्थायी टेंट लगाए गए हैं।
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खादर इलाके में खाना बांटा गया
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इसके साथ ही खाने, पानी, शौचालय का भी इंतजाम किया गया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि केंद्र सरकार, दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार मिलकर काम कर रहे हैं। बेला गांव, गीता कॉलोनी ब्रिज, तिब्बत मार्केट के पीछे के इलाके के लोग अब भी अपनी झुग्गी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। हालांकि इन बस्तियों के लोगों ने भी अपनी तरफ से तैयारी पूरी कर रखी है। आशंका है कि इस बार पानी का स्तर काफी ऊपर जाएगा। यमुना में इस बार गाद बहुत ज्यादा है।
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खादर इलाके के लोग घर छोड़ने पर हुए मजबूर
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आपातकालीन नंबर जारी
बाढ़ की किसी भी आपात स्थिति की सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर 22421656, 21210849 जारी किेए गए हैं। इन पर किसी भी आपात स्थिति में कॉल की जा सकती है।