अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के इतिहास में पहली बार आंखों के ऑपरेशन थियेटर में किलकारियां गूंजी हैं। 53 साल में पहली बार एम्स के डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र (आरपी सेंटर) में दो महिलाओं की प्रसूति कराई गई।
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एम्स में भीषण आग के बीच आंखों की ओटी में हुआ दो बच्चों का जन्म
- फोटो : अमर उजाला
डॉक्टरों की मानें तो ये सिर्फ एम्स में ही नहीं, बल्कि पूरे देश के चिकित्सीय विज्ञान क्षेत्र में पहली बार हुआ है। दो अलग-अलग ऑपरेशन थियेटर में एक महिला ने बच्ची तो, दूसरी ने एक बेटे को जन्म दिया है। जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं।
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एम्स में भीषण आग के बीच आंखों की ओटी में हुआ दो बच्चों का जन्म
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एम्स में भीषण आग लगने से जहां भगदड़ मची रही वहीं, इस दौरान दो महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने लगी। स्ट्रेचर पर लेटीं महिलाओं को पीड़ा में देख डॉक्टरों ने तत्काल संज्ञान लिया और उन्हें आनन-फानन में आरपी सेंटर के ऑपरेशन थियेटर ले गए। इस बीच आरपी सेंटर में और भी वार्ड के मरीजों को शिफ्ट किया जा रहा था। आरपी सेंटर के डॉक्टर और नर्सों ने एकता के साथ सभी विभागों के मरीजों की सेवा शुरू की। दोनों महिलाओं को ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया।
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aiims baby delivery
- फोटो : अमर उजाला
आरपी सेंटर के वरिष्ठ रेजीडेंट डॉ. अश्विनी कुमार बेहरा बताते हैं कि लगभग 53 साल आरपी सेंटर की नींव रखी गई थी, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है कि आंखों के ऑपरेशन थियेटर में प्रसव हुआ हो। आरपी सेंटर की नर्स प्रसूति कराने की ज्यादा जानकारी नहीं रखती थीं, परंतु उन्होंने एम्स के डॉक्टरों के साथ मिलकर ऑपरेशन कराने में पूरी मदद की।
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एम्स की आग बुझने के बाद का मंजर
- फोटो : अमर उजाला
आपातकालीन स्थिति में इस तरह की उपलब्धि पूरे संस्थान के लिए गर्व की बात है। रात करीब 9:30 बजे दोनों शिशुओं का जन्म हुआ। फिलहाल दोनों माता स्वस्थ्य हैं और शिशुओं को भी निगरानी में रखा गया है।