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हैलो...मैं कर्नाटक से बोल रहा हूं, मेरे मोहल्ले में पहुंच गया कोरोना वायरस, अब क्या करूं
Mon, 16 Mar 2020 08:35 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 16 Mar 2020 08:35 AM IST
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coronavirus
- फोटो : अमर उजाला/सोशल मीडिया
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हैलो...मैं कर्नाटक से बोल रहा हूं। मेरे मोहल्ले में भी कोरोना पहुंच गया है। मेरे घर में मां और पत्नी को बुखार है, अब मैं क्या करूं? कहीं हमें भी कोरोना तो नहीं है। अब मैं इलाज कराने कहां जाऊं? कोरोना वायरस को लेकर ये सवाल अक्सर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की हेल्पलाइन पर पूछे जा रहे हैं। हर किसी को कोरोना वायरस को लेकर घबराहट है, लेकिन हेल्पलाइन पर 12-12 घंटे की शिफ्ट में बैठे कर्मचारी उनकी पूरी मदद कर रहे हैं।
कोरोनावायरस
- फोटो : PIB
ये हाल है नई दिल्ली के कश्मीरी गेट के नजदीक रोग नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय केंद्र (एनसीडीसी) का। यहां एक बड़े से कमरे में गोल मेज रखी है जिसमें चारों ओर फोन ही फोन रखे हैं। यहां 30 लाइन हैं, सब लगातार व्यस्त रहती हैं। हेल्पलाइन नंबर 011-23978046 पर दिन भर घंटियों की आवाज के बीच कर्मचारी ईमेल के जरिए भी लोगों के सवालों का जवाब दे रहे हैं। कभी रोजाना 200-250 तक आने वाली कॉल अब 1500 तक जा पहुंचा है। ये कॉल रिकॉर्ड हर दिन, हर पल तेजी से बढ़ रहा है।
फाइल फोटो
- फोटो : Amar Ujala
अब तक 35 हजार से ज्यादा फोन कॉल और करीब 30 हजार ईमेल प्राप्त हो चुके हैं। 24 घंटे चालू रहने वाली इस हेल्पलाइन पर विभिन्न राज्यों से ही नहीं, बल्कि विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिक भी फोन करके अपने सवालों का जवाब ले रहे हैं। हेल्पलाइन के जरिये लोगों को बताया जा रहा है कि कोरोना के लक्षण क्या हैं? बचाव क्या है? हमें बाहर जाना है। हम क्या सावधानी बरतनी हैं? घूमने जाएं तो क्या सतर्कता बरतें? एक कर्मचारी ने बताया कि ऐसे कई फोन कॉल मिल रहे हैं जो लोग आधी अधूरी जानकारी होने के कारण काफी घबराए हैं, हम बताते हैं कि आपको किससे मिलना है? क्या करना है? कोई विदेश यात्रा से आया हो, तो बताएं। अगर ऐसा है तो सुझाव देते हैं कि किससे मिलना है? कहां जाना है? उन्होंने बताया कि उनके पास सभी राज्यों के जांच केंद्र व उपचार को लेकर अस्पताल जैसी चीजों की सूची है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
हर कॉल पर पहुंच रही मदद
फोन की घंटी सिर्फ देश के भीतर से ही नहीं विदेशों से आए कॉल से भी बजती है। अब तक 1100 से ज्यादा कॉल विदेशों में फंसे भारतीयों के आए हैं। फोन कॉल की ब्योरा रजिस्टर में बाकायदा दर्ज होता है। इसका मकसद है कि जो जटिल मामले हैं और जानकारी ज्यादा जुटानी होगी तो बाद में भी संपर्क कर सकें।
फोन की घंटी सिर्फ देश के भीतर से ही नहीं विदेशों से आए कॉल से भी बजती है। अब तक 1100 से ज्यादा कॉल विदेशों में फंसे भारतीयों के आए हैं। फोन कॉल की ब्योरा रजिस्टर में बाकायदा दर्ज होता है। इसका मकसद है कि जो जटिल मामले हैं और जानकारी ज्यादा जुटानी होगी तो बाद में भी संपर्क कर सकें।
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कोरोनावायरस (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
फोन कॉल रहती है व्यस्त, न हो परेशान
एनसीडीसी के निदेशक सुजीत कुमार सिंह बताते हैं कि कई देशों से फोन कॉल मिल रही हैं। इसके चलते कई बार हेल्पलाइन व्यस्त रहती है। इसका मतलब ये नहीं है कि यहां कोई कॉल लेने वाला नहीं है। इस वक्त लोगों का सहयोग भी जरूरी है। अगर फोन कॉल व्यस्त रहती है तो परेशान नहीं हों। फिर से संपर्क कर सकते हैं। ये नहीं समझें कि कोई कॉल नहीं उठा रहा है।
एनसीडीसी के निदेशक सुजीत कुमार सिंह बताते हैं कि कई देशों से फोन कॉल मिल रही हैं। इसके चलते कई बार हेल्पलाइन व्यस्त रहती है। इसका मतलब ये नहीं है कि यहां कोई कॉल लेने वाला नहीं है। इस वक्त लोगों का सहयोग भी जरूरी है। अगर फोन कॉल व्यस्त रहती है तो परेशान नहीं हों। फिर से संपर्क कर सकते हैं। ये नहीं समझें कि कोई कॉल नहीं उठा रहा है।