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ज्ञानवापी मामला: हिंदू पक्ष ने मांगा उपासना का अधिकार, मुस्लिम पक्ष बोला- 1947 का स्वरूप ही अंतिम माना जाए

Tue, 13 Sep 2022 09:55 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ/नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ/नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 13 Sep 2022 09:55 AM IST
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Gyanvapi Masjid Case Varanasi Court Arguments of Hindu and Muslim parties in Gyanvapi case
Gyanvapi Masjid Case - फोटो : अमर उजाला
ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर अदालत गए हिंदू पक्ष का मुख्य तर्क था कि वे किसी संपत्ति या जमीन पर कब्जा नहीं करना चाहते या किसी मस्जिद को मंदिर नहीं बनवाना चाहते। केवल प्लॉट संख्या 9130 पर अपने ईश्वर की उपासना, दर्शन, भोग और आरती का अधिकार चाहते हैं। याचीगण का कहना था यहां श्री आदि विश्वेश्वर ज्योतिर्लिंगम, देवी मां श्रृंगार गौरी, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, नंदी जी और दृश्य व अदृश्य देवी-देवता, मंडल, तीर्थं अस्तित्व रखते हैं। इसे प्राचीन श्री आदि विश्वेश्वर मंदिर परिसर कहा जाता है। उन्हें इनकी उपासना और दर्शन करने से न रोका जाए। बचाव पक्ष कहा जाए कि वे इस प्लॉट में कोई तोड़फोड़ न करें, न इसे या इसके किसी हिस्से को ढहाएं। उपासना में बाधा न उत्पन्न करें, यूपी सरकार को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कहा जाए।
Gyanvapi Masjid Case Varanasi Court Arguments of Hindu and Muslim parties in Gyanvapi case
Gyanvapi Masjid Case - फोटो : अमर उजाला
1669 में औरंगजेब ने बनवाई मस्जिद
हिंदू पक्ष के अनुसार सन 1669 में मुगल बादशाह औरंगजेब ने काशी विश्वनाथ मंदिर के एक हिस्से को नष्ट कर ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण कराया था। इसके आधार पर हिंदू इस सुरक्षा मस्जिद से मुस्लिमों का अधिकार खत्म कर इसे हिंदुओं को सौंपने की मांग कर रहे हैं।
Gyanvapi Masjid Case Varanasi Court Arguments of Hindu and Muslim parties in Gyanvapi case
Gyanvapi Masjid Case - फोटो : अमर उजाला
मुस्लिम पक्ष ने दिए यह तर्क

औरंगजेब ने मंदिर तोड़ मस्जिद बनवाई, यह वक्फ संपत्ति
विवादित स्थल प्लॉट 9130 पर 600 साल से ज्ञानवापी मस्जिद बनी है। इसे औरंगजेब ने मंदिर को तोड़कर 1669 में बनवाया था। अब यह एक वक्फ संपत्ति है जो यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ के अधीन आती है। इस पर कोई दावा मान्य नहीं हो सकता, याचिका को रद्द किया जाना चाहिए।

 
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Gyanvapi Masjid Case Varanasi Court Arguments of Hindu and Muslim parties in Gyanvapi case
मुस्लिम पक्ष के वकील - फोटो : अमर उजाला
राजस्व दस्तावेज भी दिए
बचाव पक्ष ने कुछ राजस्व रिकॉर्ड प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर स्थल पर ज्ञानवापी मस्जिद का अधिकार दिखाया गया। इनमें 1883-84 के बंदोबस्ती-नक्शों सहित वक्फ बोर्ड के ज्ञापन शामिल थे।

 
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Gyanvapi Masjid Case Varanasi Court Arguments of Hindu and Muslim parties in Gyanvapi case
Gyanvapi Masjid Case - फोटो : अमर उजाला
उपासना स्थल कानून में भी ऐसी याचिका विचार योग्य नहीं 
ज्ञानवापी मस्जिद इस समय अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद समिति के नियंत्रण में है। यहां वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के आम मुसलमान पांच वक्त नमाज पढ़ने आते हैं। संसद ने उपासना स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम 1991 बनाकर साफ कर दिया था कि 15 अगस्त, 1947 के दिन किसी भी धर्म स्थल का जो स्वरूप था, उसे ही अंतिम रूप से स्वीकारा जाएगा। इसके खिलाफ किसी अदालत में किसी याचिका पर विचार नहीं होगा। इसके बावजूद मौजूदा याचिका बहुत चालाकी से लिखी गई है।


 
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