गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी में तीन बहनों की आत्महत्या के मामले में बच्चियों के पढ़ाई छोड़ने को लेकर दिए गए चेतन कुमार के बयान एक बार फिर गलत साबित हुए हैं। बुधवार को पुलिस उस स्कूल पहुंची, जहां पूर्व में बच्चियां पढ़ती थीं।
वहां टीम ने पूछताछ की तो पता चला कि बच्चियां फेल नहीं हुई थीं। बल्कि पढ़ाई में मन न लगने की वजह से स्कूल छोड़ने की बात सामने आई है। हालांकि इससे ज्यादा जानकारी पुलिस स्कूल से जुटा नहीं पाई।
2 of 11
Ghaziabad Sisters Suicide
- फोटो : अमर उजाला
बच्चियों की शैक्षिक स्थित को लेकर उठ रहे सवालों पर बुधवार को पुलिस जांच ने विराम लगा दिया। पुलिस के अनुसार चेतन ने एक अगस्त 2018 में प्राची का प्रवेश कक्षा एक में कराया था।
3 of 11
भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद जांच के लिए आई पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पता चला कि तीनों बहनें वर्ष 2020 तक ही स्कूल गईं। इनमें निशिका और पाखी का शैक्षणिक काल स्कूल में एक वर्ष और प्राची का दो वर्ष रहा। इसके बाद से वह कभी भी स्कूल नहीं गईं और घर में रहीं। स्कूल प्रबंधक ने पुलिस को बताया कि स्कूल कक्षा आठ तक की संचालित है। बच्चियों के साथ के अन्य छात्र-छात्राएं स्कूल से उत्तीर्ण होकर जा चुके हैं।
4 of 11
भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यहां तक कि शिक्षक और प्रधानाचार्य भी बदल चुके हैं। इस वजह से बच्चियों के व्यवहार और पढ़ाई-लिखाई को लेकर अधिक जानकारी पुलिस को नहीं मिली। वहीं, पढ़ाई को लेकर चेतन कुमार का बयान एक बार फिर झूठा साबित हुआ है।
5 of 11
भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद जांच करती पुलिस टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चेतन ने शुरुआत से ही पुलिस व पत्रकारों को बताया कि उनकी बेटियां कई बार फेल हो गई थीं, इसलिए उन्होंने स्कूल जाना बंद कर दिया था। हालांकि, शालीमार गार्डन एक्सटेंशन एक स्थित निजी स्कूल में दाखिला लेने से पहले निशिका कहां पढ़ती थी, इसके बारे में को जानकारी सामने नहीं आई है।