{"_id":"601f8165b7103174ac403a5a","slug":"ghaziabad-double-murders-case-struggle-to-save-lives-deep-wounds-found-in-dolly-hands","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"गाजियाबाद डबल मर्डर: जान बचाने के लिए हुआ संघर्ष, डॉली के हाथों में मिले गहरे जख्मों ने बयां की क्रूरता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गाजियाबाद डबल मर्डर: जान बचाने के लिए हुआ संघर्ष, डॉली के हाथों में मिले गहरे जख्मों ने बयां की क्रूरता
Sun, 07 Feb 2021 11:27 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 07 Feb 2021 11:27 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad murder
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में हापुड़ रोड स्थित गोविंदपुरम से सटी सरस्वती विहार कॉलोनी में शनिवार रात करीब नौ बजे दिल दहला देने वाली घटना हुई। महिला और किशोरी की धारदार हथियार से हत्या कर दी। जबकि तीन बच्चों को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक अंशु की मां वंदना से बयान लिया। उसके आधार पर पुलिस ने पहले बयान दिया कि वारदात को अंजाम देने वाला कारपेंटर है, जो दो महीने पहले घर में काम करके गया था। पुलिस ने मृतक डॉली के ससुर लोकमनी से भी पूछताछ की थी, जिसमें उन्होंने भी जानकारी दी थी कि कारपेंटर शाम को चौपला स्थित टिक्की के ठेले पर आया था और उसने औजार का थैला लेने के लिए सरस्वती विहार स्थित घर जाने की बात कही थी।
जांच करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद अंशु की मां वंदना ने भी उसे सरस्वती विहार स्थित घर के बाहर कारपेंटर को आते हुए देखा था। ऐसे में पुलिस मान चुकी थी कि वारदात को अंजाम देने वाला सपनावत निवासी कारपेंटर है, लेकिन घटना में उस वक्त मोड़ आ गया जब आईजी व एसएसपी घायलों का बयान लेने के लिए कविनगर स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। वहां पर घायल 10 वर्षीय गौरी ने बताया कि गोली लाल क्वार्टर में रहने वाले मोटे अंकल की वाइफ ने मारी है और उनके साथ टेलर अंकल भी थे। इसके बाद पुलिस की पूरी थ्योरी ही घूम गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
जांच करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
जान बचाने के लिए हुआ संघर्ष
घटनास्थल की तस्वीरों से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि वारदात के वक्त जान बचाने के लिए संघर्ष हुआ। मृतकों व घायल बच्चे काफी देर तक हमलावर के साथ जूझते रहे। पुलिस का कहना है कि मौके पर चारों तरफ खून फैला हुआ था।
घटनास्थल की तस्वीरों से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि वारदात के वक्त जान बचाने के लिए संघर्ष हुआ। मृतकों व घायल बच्चे काफी देर तक हमलावर के साथ जूझते रहे। पुलिस का कहना है कि मौके पर चारों तरफ खून फैला हुआ था।
विज्ञापन
घटना के बाद बिखरा सामान
- फोटो : अमर उजाला
मृतक अंशु और डॉली के हाथों में कई जगह गहरे कटे हुए निशान हैं, जिसने पता चलता है कि जान बचाने के लिए काफी जद्दोजहद की। साथ ही घायल बच्चों को भी गंभीर चोटें आई हैं। क्राइम सीन से यह भी पता चलता है कि वारदात को अंजाम देने वाले दो या दो से अधिक हो सकते हैं। क्योंकि एक साथ पांच लोगों पर हमला करना आसान नहीं है।