गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के सरस्वती विहार में हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी महिला उमा (अम्मा) और सोनू (टेलर अंकल) को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उनसे लूटी हुई नकदी, जेवरात व अन्य सामान बरामद हुआ। शनिवार रात उमा और सोनू ने मिलकर अंशु, डॉली की हत्या की और बच्चों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। लूटपाट कर भाग गए थे। उमा को डॉली और उसके बच्चे अम्मा बोलते थे। जबकि बच्चे सोनू को टेलर अंकल कहकर बुलाते थे। काफी समय से दोनों ने लूटपाट की योजना बना रखी थी। इसके लिए वह पिछले तीन दिन से रेकी कर रहे थे।
गाजियाबाद दोहरा हत्याकांडः अम्मा और टेलर अंकल गिरफ्तार, ऐसे रची थी खौफनाक वारदात की साजिश
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सरस्वती विहार निवासी लोकमनी अपने बेटे महेश और पुत्रवधू डॉली व पौत्र-पौत्री के साथ रहते हैं। उनकी चौपला पर कांजी बड़े की दुकान है। सरस्वती विहार से पहले वह लाल क्वार्टर में रहते थे। शनिवार की रात करीब आठ बजे उनके घर पर उमा और सोनू निवासी लाल क्वार्टर पहुंचे थे, जिन्होंने लूटपाट कर पड़ोस में रहने वाली ट्यूटर अंशु (16) और डॉली (26) की हत्या कर दी। तीन बच्चों गौरी, मीनाक्षी और रुद्र को गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
रात करीब नौ बजे लोकमनी अपने घर पहुंचे तो वहां सामान बिखरा हुआ पड़ा था। उन्होंने डॉली और तीनों बच्चों को आवाज लगाई, लेकिन कोई नहीं बोला। उन्होंने शोर मचाया और आस-पड़ोस के लोग आ गए। उन्होंने ऊपर जाकर देखा तो एक कमरे में अंशु, डॉली और उनके तीन बच्चे खून में लथपथ पड़े हुए थे। पुलिस एवं परिवार के लोगों ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने खुलासे के लिए एसपी ग्रामीण, सीओ सदर, नगर प्रथम एवं द्वितीय के निर्देशन में पांच टीम गठित की थीं। गठित टीमों ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, मैनुअल इंटेलिजेंस, बयान व पूछताछ, भौतिक व परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच गई।
पुलिस ने डासना के पास मुठभेड़ में आरोपी सोनू और पीड़ित परिवार की रिश्तेदार उमा को चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया। उमा पूर्व परिचित रिश्तेदार हरीश की पत्नी है और सोनू उनका पड़ोसी है। आरोपियों के कब्जे से पिस्टल, तमंचा, घर से लूटे गए सोने-चांदी के जेवरात और नगदी, घटना के समय पहने हुए कपड़े, मोबाइल बरामद हुए हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने घटना को कबूल किया है। उन्होंने बताया है कि लूट के लिए हत्या की गई है। क्योंकि उनमें से कोई भी बच जाता तो वह पोल खोल देता। इसलिए सभी को मार दिया।
काफी दिनों से बना रहे थे लूट की योजना
पुलिस ने बताया कि उमा और सोनू पिछले काफी समय से लूट की योजना बना रहे थे। उन्हें जानकारी थी कि डॉली के परिवार की स्थिति ठीक है। सोना और नगदी भी उनके पास है। उन्हें लूटा जा सकता है। उमा ने उनके घर की सारी स्थिति बताई। उसके बाद सोनू ने घटना को किस तरह से अंजाम देना है। उसके लिए पूरी प्लानिंग कर ली।