अब डीजे वाले बाबू तेज आवाज में गाना नहीं बजाएंगे। हाईकोर्ट से ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के आदेश के बाद डीजे संचालकों ने खुद पंचायत कर ज्यादा तेज आवाज में डीजे नहीं बजाने का फैसला किया है।
पंचायत में लिए गए फैसलों का पालन करने के लिए 20 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। जो फैसले का पालन नहीं करने वाले डीजे संचालकों पर 11 हजार का जुर्माना लगाएगी। सोमवार को गांव दुजाना स्थित आरबी पब्लिक स्कूल में डीजे की तेज आवाज व बेस कम करने के लिए बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर सहित आसपास के डीजे संचालकों की पंचायत हुई, जिसमें आवाज कम रखने और बेस कम करने का निर्णय लिया गया।
पंचायत में आयोजक सतवीर नागर ने कहा कि डीजे की तेज धमक व आवाज से लोगों को परेशानी होती है। जिन लोगों ने डीजे की गाड़ियों में एंगल लगाकर बढ़ा रखा है, जिससे कि अधिक साउंड आ सकें तो उनको भी दुरुस्त कर लें। उनको कंपनी से जिस तरह की गाड़ी मिली है, वैसे ही रखना चाहिए, जिन लोगों ने आठ व छह बेस के डीजे लगा रखा है, वे तीन बेस की आवाज का डीजे चलाए, जिससे तेज आवाज व धमक न हो।
इस काम में पुलिस-प्रशासन को भी सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो डीजे संचालक पंचायत में लिए गए निर्णय को अमल में नही लाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। 20 लोगों का चयन किया गया है।
कमेटी का निर्णय न मानने वालों पर 11 हजार रुपये का जुर्माना व गाड़ियों में अलग से बढ़ाए गए सामान को जब्त करेगी। बता दें कि इन जिलों में करीब 1200 डीजे संचालक हैं। पंचायत में दिनेश नागर, उमेश कसाना, मोहित भाटी, हेमराज सिंह, सुनील भाटी, प्रमोद भीाटी, राजन मावी, वीरू सिंह समेत अन्य शामिल रहे।