यूरोप की नामी गारमेंट कंपनी के लिए महिलाओं के परिधान बनाने वाली फैक्ट्री में रविवार रात गार्ड आशुतोष की हत्या कर लूट की वारदात में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। वारदात नोएडा के सेक्टर-63 ए-150 स्थित कीमो क्लोदिंग फैक्ट्री में हुई थी। सीसीटीवी कैमरे से पता चला है कि बदमाश लोडर से दोनों भारी-भरकम तिजोरी ले गए थे। वारदात में लोडर के चालक समेत कुल पांच बदमाश शामिल थे। थाना फेज तीन पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कपड़ा कंपनी के गार्ड को मौत के घाट तो उतार दिया पर छोड़ गए ये अहम सुराग
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पोस्टमार्टम में आशुतोष को एक गोली लगने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, गोली पीठ की तरफ से मारी गई थी, जो गले के पास से आरपार हो गई। पुलिस ने नेपाल में रह रहे आशुतोष के परिवार को सूचना दे दी है। तब तक शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है। ग्रेटर कैलाश-दो दिल्ली निवासी फैक्ट्री मालिक राजीव शर्मा ने बताया कि उनकी कंपनी में यूरोप के नामी ब्रांड के 49 फीसदी शेयर हैं। उनकी फैक्ट्री में केवल यूरोप की कंपनी के लिए ही महिलाओं के कपड़े बनते हैं।
एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग में एक संदिग्ध की पहचान हुई है। उसका नाम सतेंद्र बताया जा रहा है। वह लगभग दो साल पहले तक इसी फैक्ट्री में गार्ड था। खराब व्यवहार की वजह से उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। संदिग्ध सतेंद्र फैक्ट्री में रात के वक्त तैनात गार्ड सीबी सिंह का भाई है। पूछताछ में सीबी सिंह ने पुलिस से कहा कि उसका दो वर्ष से उससे कोई संपर्क नहीं है।
सीबी सिंह ने ही रविवार रात करीब आठ बजे सबसे पहले आशुतोष का शव देख फैक्ट्री प्रबंधन को घटना की सूचना दी थी। इसके अलावा बदमाश जिस लोडर से तिजोरी ले गए हैं, उसका नंबर देखने के लिए आसपास की फैक्ट्रियों में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। जेवर व मसूरी टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली गई है। हालांकि दोनों टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों से अब तक कोई मदद नहीं मिली है।
वारदात करने के बाद बुलाया लोडर
सीओ राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पहले चार बदमाश शाम 4:18 बजे फैक्ट्री में दाखिल हुए। 4:38 बजे फिर सभी बाहर निकल गए थे। 4:48 बजे सभी दोबारा फैक्ट्री में लौटे। इसके बाद ही वारदात को अंजाम दिया गया था। शाम 5:09 बजे बदमाशों का लोडर फैक्ट्री पहुंचा। इसके बाद शाम 5:22 बजे बदमाश लोडर में दोनों तिजोरियां लादकर चले गएं। इससे अनुमान है कि बदमाशों ने आशुतोष की हत्या करने के बाद लोडर को बुलाया था।