नवरात्र दो मार्च यानि शनिवार से शुरू हो रहा है। ऐसे में शहर के मंदिरों को सजाया जा रहा है। वहीं, पूजा-पाठ के सामान से लेकर फलहार के सामान महंगे हो रहे हैं। कोरोना के कम हो रहे मामलों को देखते हुए सरकार ने कोरोना की रोकथाम के लिए लगाए अधिकांश प्रतिबंधों को हटा लिए हैं। ऐसे में दो साल बाद नवरात्र को लेकर मंदिर के साथ बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है।
प्रसाद और इफ्तार दोनों पर दिखेगा असर: पूजा से फलाहार तक का सामान हुआ महंगा, सेब हुआ और 'लाल' तो अमरूद भी 'रूठा'
दुकानदारों का कहना है कि दो त्योहारों के एक-दो दिन के अंतराल में शुरू होने से अच्छी आमदनी की उम्मीद है। एनआईटी स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर, काली मंदिर समेत शहर के अधिकांश मंदिरों में नवरात्र को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। मंदिरों में पूजा-पाठ के लिए सुबह से भक्त पहुंचेगे, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था दुरूस्त की जा रही है। वहीं रात को भक्ति संगीत के गीत-संगीत के कार्यक्रम भंडारे का आयोजन किया जाएगा। अधिकांश मंदिरों में रोज कन्या पूजन व कन्या भोजन कराया जाएगा।
रमजान भी हो रहा है शुरू
नवरात्र के साथ रमजान के लिए तैयारियां चल रही हैं। अधिकांश मस्जिदों में शाम के इफ्तार की व्यवस्था भी होगी। ऐेसे में प्रबंधन की ओर से तैयारी की जा रही है।
मौलानाओं का कहना है कि महंगाई चरम पर पहुंच रही है। ऐसे में गरीब लोगों को काफी परेशानी होगी। इसलिए मस्जिदों में इफ्तार की भी व्यवस्था होगी। चांद दिखने पर रमजान तीन या चार मार्च से होगा।
सेब-120-150
अनार-100-120
अमरूद- 50- 80
पपीता- 30-50
तरबूज- 30-50
अंगूर- 100-150
केला- 50-80