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ध्रुव अपहरण कांड: मौसी जी के नाम से सेव किया था प्रेमी का नंबर, दो साल से पति की आंखों में धूल झोंक रही थी शिखा
Wed, 19 Aug 2020 04:25 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 19 Aug 2020 04:25 PM IST
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Dhruv Kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद के चर्चित ध्रुव अपहरण मामले का हैरतअंगेज खुलासा हुआ है। पांच साल के मासूम ध्रुव का उसी की मां शिखा ने अपने प्रेमी से अपहरण कराया था। पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए शिखा, उसके प्रेमी अशफाक और कार चालक इमरान खान को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से अपहरण में इस्तेमाल की गई कार और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी प्रेमी अशफाक शातिर दिमाग है। उसने फेसबुक पर निशा परवीन नाम से फर्जी आईडी बनाई थी।
मामले का खुलासा करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का दावा है कि इस फेसबुक आईडी पर पहले शिखा के पति गौरव चैटिंग करते थे। इसके बाद गौरव ने निशा परवीन को अपनी पत्नी से फेसबुक पर ही मिलवाया। इसके बाद शिखा और निशा परवीन के बीच लंबी चैटिंग शुरू हो गई। इसी बीच अशफाक ने अपना राज खोल दिया था। उसने शिखा को बता दिया था कि वह निशा परवीन नहीं है, बल्कि अशफाक उर्फ सोना है।
ध्रुव और मां शिखा
- फोटो : अमर उजाला
दोनों के बीच कई-कई घंटे चैट होने लगी। आरोपी अशफाक आईटीआई कोर्स कर चुका है। वह निजामाबाद में ही ट्रांसफार्मर ठीक करने का कार्य करता है। उसे सोशल मीडिया और इंटरनेट की अच्छी जानकारी है। उसने पहले शिखा से ही इंटरनेट कॉल की थी। जब वह इंटरनेट कॉल करने में सफल हो गया। तब उसने फिरौती की रकम इंटरनेट के जरिये मांगने की योजना बनाई थी।
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पिता के साथ ध्रुव
- फोटो : अमर उजाला
मौसी जी के नाम से सेव किया था प्रेमी का मोबाइल नंबर
प्रेमी के साथ घर बसाने के चक्कर में बेटे का अपहरण करवाने वाली मां शिखा दो साल से अपने पति की आंखों में धूल झोंक रही थी। वह अपने पति के सामने भी प्रेमी से बातचीत कर लेती थी। इसकी भनक गौरव को भी नहीं चली। बातचीत के दौरान शिखा फोन पर मौसी ही बोलती थी और उसने अपने मोबाइल में भी मौसी जी नाम से ही प्रेमी का मोबाइल नंबर सेव किया था।
प्रेमी के साथ घर बसाने के चक्कर में बेटे का अपहरण करवाने वाली मां शिखा दो साल से अपने पति की आंखों में धूल झोंक रही थी। वह अपने पति के सामने भी प्रेमी से बातचीत कर लेती थी। इसकी भनक गौरव को भी नहीं चली। बातचीत के दौरान शिखा फोन पर मौसी ही बोलती थी और उसने अपने मोबाइल में भी मौसी जी नाम से ही प्रेमी का मोबाइल नंबर सेव किया था।
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dhruv kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
ये था मामला
मझोला थानाक्षेत्र के लाइन पार रामलीला मैदान के पास रहने वाले श्रीराम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी गौरव कुमार के पांच साल के बेटे ध्रुव को सात अगस्त की दोपहर करीब एक बजे अगवा कर लिया गया था। उसी दिन शाम साढ़े चार बजे गौरव से अपहरण करने वालों ने इंटरनेट कॉल के जरिये तीस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। अगले दिन आठ अगस्त 2020 की सुबह साढ़े सात बजे ध्रुव गाजियाबाद के कौशांबी में रोडवेज की बस में बैठा मिला था, जिसे पुलिस मुरादाबाद लेकर आई थी।
मझोला थानाक्षेत्र के लाइन पार रामलीला मैदान के पास रहने वाले श्रीराम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी गौरव कुमार के पांच साल के बेटे ध्रुव को सात अगस्त की दोपहर करीब एक बजे अगवा कर लिया गया था। उसी दिन शाम साढ़े चार बजे गौरव से अपहरण करने वालों ने इंटरनेट कॉल के जरिये तीस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। अगले दिन आठ अगस्त 2020 की सुबह साढ़े सात बजे ध्रुव गाजियाबाद के कौशांबी में रोडवेज की बस में बैठा मिला था, जिसे पुलिस मुरादाबाद लेकर आई थी।