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फेसबुक वाली निशा के चक्कर में पड़े मां-बाप, बेटे का कर लिया अपहरण, पूरा मामला जानकर पुलिस भी हैरान
Wed, 19 Aug 2020 10:16 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
Published by: प्राची प्रियम
Updated Wed, 19 Aug 2020 10:16 AM IST
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dhruv kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद के बहुचर्चित ध्रुव अपहरण कांड को लेकर पुलिस ने हैरतअंगेज खुलासा किया है। ध्रुव की मां शिखा ने फेसबुक पर मिले एक व्यक्ति के इश्क में पड़कर अपने ही बेटे का अपहरण करवा दिया था। पुलिस ने मामले का खुलासा को किया, लेकिन इसके पीछे की कहानी और भी हैरान करने वाली है। पुलिस ने बताया कि मां शिखा का प्रेमी और अपहरण का आरोपी अशफाक बहुत शातिर दिमाग व्यक्ति है।
ध्रुव की मां शिखा और आरोपी अशफाक
- फोटो : अमर उजाला
उसने फेसबुक पर निशा परवीन के नाम से फर्जी आईडी बनाई थी। पुलिस का दावा है कि इस फेसबुक आईडी पर पहले शिखा के पति गौरव चैटिंग करते थे। इसके बाद गौरव ने निशा परवीन को अपनी पत्नी से फेसबुक पर ही मिलवाया। इसके बाद शिखा और निशा परवीन के बीच लंबी चैटिंग शुरू हो गई। इसी बीच अशफाक ने अपना राज खोल दिया।
पिता के साथ ध्रुव
- फोटो : अमर उजाला
उसने शिखा को बता दिया था कि वह निशा परवीन नहीं है, बल्कि अशफाक उर्फ सोना है। दोनों के बीच कई-कई घंटे चैट होने लगी। आरोपी अशफाक आईटीआई कोर्स कर चुका है। वह निजामाबाद में ही ट्रांसफार्मर ठीक करने का कार्य करता है। उसे सोशल मीडिया और इंटरनेट की अच्छी जानकारी है। उसने पहले शिखा से ही इंटरनेट कॉल की थी। जब वह इंटरनेट कॉल करने में सफल हो गया। तब उसने फिरौती की रकम इंटरनेट के जरिये मांगने की योजना बनाई थी।
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ध्रुव और मां शिखा
- फोटो : अमर उजाला
मौसी जी के नाम से सेव किया था प्रेमी का मोबाइल नंबर
प्रेमी के साथ घर बसाने के चक्कर में बेटे का अपहरण करवाने वाली मां शिखा दो साल से अपने पति की आंखों में धूल झोंक रही थी। वह अपने पति के सामने भी प्रेमी से बातचीत कर लेती थी। इसकी भनक गौरव को भी नहीं चली। बातचीत के दौरान शिखा फोन पर मौसी ही बोलती थी और उसने अपने मोबाइल में भी मौसी जी नाम से ही प्रेमी का मोबाइल नंबर सेव किया था।
प्रेमी के साथ घर बसाने के चक्कर में बेटे का अपहरण करवाने वाली मां शिखा दो साल से अपने पति की आंखों में धूल झोंक रही थी। वह अपने पति के सामने भी प्रेमी से बातचीत कर लेती थी। इसकी भनक गौरव को भी नहीं चली। बातचीत के दौरान शिखा फोन पर मौसी ही बोलती थी और उसने अपने मोबाइल में भी मौसी जी नाम से ही प्रेमी का मोबाइल नंबर सेव किया था।
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प्रेमी अशफाक- मां शिखा और बेटा ध्रुव
- फोटो : अमर उजाला
क्या है मामला
मझोला थानाक्षेत्र के लाइन पार रामलीला मैदान के पास रहने वाले श्रीराम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी गौरव कुमार के पांच साल के बेटे ध्रुव को सात अगस्त की दोपहर करीब एक बजे अगवा कर लिया गया था। उसी दिन शाम साढ़े चार बजे गौरव से अपहरण करने वालों ने इंटरनेट कॉल के जरिये 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। अगले दिन आठ अगस्त 2020 की सुबह साढ़े सात बजे ध्रुव गाजियाबाद के कौशांबी में रोडवेज की बस में बैठा मिला था, जिसे पुलिस मुरादाबाद लेकर आई थी।
मझोला थानाक्षेत्र के लाइन पार रामलीला मैदान के पास रहने वाले श्रीराम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी गौरव कुमार के पांच साल के बेटे ध्रुव को सात अगस्त की दोपहर करीब एक बजे अगवा कर लिया गया था। उसी दिन शाम साढ़े चार बजे गौरव से अपहरण करने वालों ने इंटरनेट कॉल के जरिये 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। अगले दिन आठ अगस्त 2020 की सुबह साढ़े सात बजे ध्रुव गाजियाबाद के कौशांबी में रोडवेज की बस में बैठा मिला था, जिसे पुलिस मुरादाबाद लेकर आई थी।