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पिता को मौत देने से पहले राहुल ने देखी थी ये बॉलीवुड फिल्म, तब रची साजिश

Tue, 10 Jan 2017 05:07 PM IST
राजीव कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 10 Jan 2017 05:07 PM IST
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rahul mataa who stabbed his father 36 times saw rustom movie many times before crime
rahul matta

अपने प‌िता को 36 बार चाकुओं से वारकर मौत के घाट उतारने वाले सनकी बेटे ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने से पहले बॉलीवुड की एक थ्र‌िलर ‌फ‌िल्म कई बार देखी।

rahul mataa who stabbed his father 36 times saw rustom movie many times before crime
nri murdered father - फोटो : अमर उजाला

गौरतलब है ‌क‌ि  पत्नी की सुरक्षा करने कनाडा से दिल्ली पहुंचे रविंद्र माटा को खुद ही अपनी जान गंवानी पड़ी। जांच से यह खुलासा हुआ है कि राहुल से उसकी मां विभा माटा की जान को खतरा था। राहुल महिला और उसके दो बच्चों के साथ उस फ्लैट में रहना चाहता था, जिसमें उसकी मां रह रही थी। मां के आपत्ति करने पर राहुल अक्सर उसकी पिटाई कर देता था। वह कई बार अपनी मां की पिटाई कर चुका था।

rahul mataa who stabbed his father 36 times saw rustom movie many times before crime
rahul matta - फोटो : अमर उजाला

विभा को शक था कि घर पर कब्जा करने के लिए बेटा उसकी जान ले सकता है। उसने पति के फोन पर रिकॉर्ड किया गया मैसेज भेजा था। जिसमें उसने इस बात की जानकारी दी थी। रिकॉर्डिंग में विभा माटा काफी रो रही थीं।

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rahul mataa who stabbed his father 36 times saw rustom movie many times before crime
nri murdered father - फोटो : अमर उजाला

इस बात की जानकारी मिलने के बाद रविंद्र माटा 12 अक्तूबर 2016 को कनाडा से दिल्ली पहुंचे थे। रविंद्र की भी अपने बेटे से इस बात को लेकर कहासुनी हुई थी। चूंकि बेटे पर किसी बात को कोई असर नहीं था। इसलिए बुजुर्ग दंपति ने अपनी सुरक्षा के उपाय किये। रविंद्र माटा ने अपने फ्लैट के मुख्य दरवाजे और बालकनी में लोहे के ग्रिल लगवाए।

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nri murdered father - फोटो : अमर उजाला

पुलिस ने भी दंपति को बचाव के कुछ टिप्स दिए थे। जिसमें घर में अकेले रहने के दौरान दरवाजा बंद रखने की सलाह दी थी। कमरे से ही दरवाजे पर खड़े व्यक्ति की पहचान व उससे काम पूछताछ घर में आने की अनुमति देना इत्यादि शामिल था। साथ ही पुलिस ने कहा था कि राहुल के जबरदस्ती घुसने पर उन्हें इसकी जानकारी मुहैया करवाएं। सोसाइटी के लोगों का कहना है कि रविंद्र माटा अपनी पत्नी की सुरक्षा करने के लिए आए थे, लेकिन उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ गई।

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