बाबा हरिदास नगर थाना पुलिस ने अगवा कर युवक की हत्या करने के बाद 50 लाख की फिरौती मांगने वाले दो लोगों को मुजफ्फरपुर (बिहार) से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान वरुण (26) और उसके जीजा रीतूराज सिंह उर्फ विक्की (24) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके निशानदेही पर दिल्ली से युवक के शव के 6 टुकड़ें सेफ्टी टैंक से बरामद किए हैं।
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जीजा-साले ने मिलकर दोस्त के कर दिए 6 टुकड़े, मांगी थी 50 लाख की फिरौती
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 26 May 2018 10:27 AM IST
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मृतक सचिन।
आरोपियों ने युवक को पाटर्नरशिप में कारोबार करने का झांसा देकर अपने घर बुलाया और हत्या कर दी थी। उसके बाद उसके परिजनों से फिरौती की मांग की, जिसमें 10 लाख में सौदा तय हो गया था। आरोपियों ने खुलासा किया है कि जल्द अमीर बनने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया।
जिला पुलिस उपायुक्त शिबेश सिंह ने बताया कि 13 मई को नांगलोई के उग्रसेन पार्क निवासी रामनाथ यादव ने बेटे सचिन (22) की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया कि सचिन छावला स्थित बालाजी कारपेट नाम की दुकान में काम करता था। 12 मई को वह दुकान गया लेकिन वापस नहीं आया।
जिला पुलिस उपायुक्त शिबेश सिंह ने बताया कि 13 मई को नांगलोई के उग्रसेन पार्क निवासी रामनाथ यादव ने बेटे सचिन (22) की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया कि सचिन छावला स्थित बालाजी कारपेट नाम की दुकान में काम करता था। 12 मई को वह दुकान गया लेकिन वापस नहीं आया।
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पुलिस ने वहां के दुकानदार ललित मिश्रा से पूछताछ की। उसने बताया कि 12 मई को सचिन दुकान नहीं आया था। जब मैंने उससे फोन पर बात की तो वह कुछ देर बाद दुकान पर आने की बात कह कर फोन बंद कर दिया।
15 मई को परिवार वालों ने सचिन के नंबर पर फोन लगाया। किसी अनजान व्यक्ति ने फोन उठाया और उसने बताया कि सचिन उसके कब्जे में है।
कुछ समय के बाद अपहरकर्ताओं ने परिवार को फोन किया और फिरौती के लिए 50 लाख रुपये की मांग की और पुलिस को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। परिवार वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
15 मई को परिवार वालों ने सचिन के नंबर पर फोन लगाया। किसी अनजान व्यक्ति ने फोन उठाया और उसने बताया कि सचिन उसके कब्जे में है।
कुछ समय के बाद अपहरकर्ताओं ने परिवार को फोन किया और फिरौती के लिए 50 लाख रुपये की मांग की और पुलिस को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। परिवार वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
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- फोटो : अमर उजाला
थाना प्रभारी अशोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर मामले की जांच शुरू की। सचिन का एक डेढ़ साल का एक बेटा भी है। पूछताछ में सचिन की पत्नी ने पुलिस को बताया कि 10 मई की रात सचिन के मोबाइल पर एक फोन आया था। उसके बाद उसने वरुण के साथ पाटर्नरशिप में कारोबार करने की बात बताई थी।
13 मई की सुबह वह वरुण के पास जाने की बात कही थी। लेकिन परिवार वालों को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उसके बाद पुलिस ने सचिन के मालिक से पूछताछ की, जहां पता चला कि वरुण कारपेट का फर्श डालने का काम करता है। पुलिस ने वरुण का नंबर मिला तो उसका फोन बंद बता रहा था।
कई लोगों से पूछताछ करने के बाद पता चला कि वरुण छावला के प्रेम नगर कालोनी में रहता था। पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि वह मकान खाली कर जा चुका है। पुलिस ने सचिन के फोन के लोकेशन की जांच की तो पता चला कि अंतिम बार सोनीपत के राय गांव से फिरौती की रकम मांगी गयी थी।
13 मई की सुबह वह वरुण के पास जाने की बात कही थी। लेकिन परिवार वालों को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उसके बाद पुलिस ने सचिन के मालिक से पूछताछ की, जहां पता चला कि वरुण कारपेट का फर्श डालने का काम करता है। पुलिस ने वरुण का नंबर मिला तो उसका फोन बंद बता रहा था।
कई लोगों से पूछताछ करने के बाद पता चला कि वरुण छावला के प्रेम नगर कालोनी में रहता था। पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि वह मकान खाली कर जा चुका है। पुलिस ने सचिन के फोन के लोकेशन की जांच की तो पता चला कि अंतिम बार सोनीपत के राय गांव से फिरौती की रकम मांगी गयी थी।
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17 मई को अपहरकर्ताओं ने सचिन के पिता से संपर्क कर फिरौती की रकम देने के लिए कहा। बातचीत के बाद सौदा 10 लाख में तय हुआ। अपहरणकर्ताओं ने रकम लेकर आजादपुर आने के लिए कहा। पीड़ित परिवार पुलिस की टीम के साथ मौके पर पहुंचा लेकिन अपहरणकर्ता नहीं आये।
पुलिस को वरुण पर शक गहरा गया था इसलिए पुलिस ने एक टीम बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित वरुण के घर पर भेज दी। वरुण वहां नहीं पहुंचा था। पुलिस की टीम ने छानबीन कर उसके ससुराल में दबिश देकर वरुण (26) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में वरुण ने अपना असली नाम भूषण कुमार सिंह बताया।
उसने बताया कि जल्द अमीर बनने के लिए उसने अपने जीजा रीतूराज सिंह उर्फ विक्की (24) के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। दोनों ने मिलकर उसे पाटर्नरशिप में कारोबार करने का झांसा देकर घर बुलाया और गला घोंटकर हत्या कर दी। उसके बाद शव के टुकड़े करने के बाद उसे निर्माणाधीन मकान के सेफ्टी टैंक में डाल दिया।
पुलिस को वरुण पर शक गहरा गया था इसलिए पुलिस ने एक टीम बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित वरुण के घर पर भेज दी। वरुण वहां नहीं पहुंचा था। पुलिस की टीम ने छानबीन कर उसके ससुराल में दबिश देकर वरुण (26) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में वरुण ने अपना असली नाम भूषण कुमार सिंह बताया।
उसने बताया कि जल्द अमीर बनने के लिए उसने अपने जीजा रीतूराज सिंह उर्फ विक्की (24) के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। दोनों ने मिलकर उसे पाटर्नरशिप में कारोबार करने का झांसा देकर घर बुलाया और गला घोंटकर हत्या कर दी। उसके बाद शव के टुकड़े करने के बाद उसे निर्माणाधीन मकान के सेफ्टी टैंक में डाल दिया।