नेबसराय थाना इलाके के संगम विहार में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर फांसी लगा ली। छोटे बेटे के काफी देर तक रोते रहने से पड़ोसियों को घटना के बारे में पता लगा। पत्नी का शव नीचे फर्श पर पड़ा हुआ था, जबकि पति फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। कहा ये भी जा रहा है कि पत्नी ने फांसी लगा ली हो और पत्नी को फांसी के फंदे पर लटका देखकर पति ने पत्नी को नीचे उतारा और फिर खुद फांसी लगा ली। पुलिस जांच कर रही है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
पत्नी की हत्या कर पति ने लगाई फांसी, बच्चे के रोने से पड़ोसियों को मिली ये दुखद सूचना
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गांव अभयपुरा, तहसील वाहा, जिला आगरा (यूपी) निवासी रामचंद्र (30) पत्नी नीतू (28) व दो बेटों के साथ एल-1/1802 गली नंबर- 29/2 संगम विहार में किराये पर रहता था। रामचंद्र का बड़ा बेटा दो वर्ष और दूसरा चार महीने का है। रामचंद्र बीएसईएस में गाड़ी चलाता था। बृहस्पतिवार तड़के रामचंद्र का छोटा बेटा काफी देर से जोर-जोर से रो रहा था। काफी देर तक बच्चा चुप नहीं हुआ, तो पड़ोसियों ने जाकर देखा तो रामचंद्र फांसी के फंदे पर लटका हुआ था, जबकि पत्नी फर्श पर मृत पड़ी हुई थी।
पुलिस ने शवों को एम्स में रखवा दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रामचंद्र तीन वर्ष से संगम विहार में रह रहा था और उसकी शादी को चार वर्ष हुए थे। पुलिस ने एसडीएम के सामने रामचंद्र व नीतू के परिवार वालों के बयान कराए। दोनों पक्षों ने किसी तरह के आरोप नहीं लगाए हैं। आगरा से रामचंद्र व नीतू के परिजन देर से दिल्ली पहुंचे थे। इस कारण शवों का बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था।
फांसी का एक ही फंदा था
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रामचंद्र संगम विहार में एक कमरे के मकान में रहता था। रामचंद्र ने बिजली के तार से पंखे के जरिये फांसी लगा रखी थी। वह फंदे पर लटका हुआ था। पंखे में दूसरा कोई फंदा नहीं था। नीतू का शव नीचे फर्श पर पड़ा हुआ था। या तो नीतू ने पहले फांसी लगा ली और रामचंद्र ने उसे पंखे से नीचे उतारा। पत्नी को मृत देखकर रामचंद्र ने भी उसी फंदे से फांसी लगा ली। दूसरी थ्योरी पुलिस अधिकारी ये भी बता रहे हैं कि पत्नी नीतू की हत्या कर रामचंद्र ने फांसी लगा ली। नीतू के गले पर निशान पड़े हुए हैं।
झगड़े की कोई बात सामने नहीं आई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नीतू की मां शांति आठ दिन पहले दिल्ली आई थी। वह पहले दक्षिणपुरी में एक शादी में गई थी और उसके बाद बेटी के घर रहने आ गई थी। बेटी का घर छोटा था। ऐसे में वह रात को रामचंद्र के बड़े भाई के घर सोने चली जाती थी। घटना वाली रात भी वह रामचंद्र के बड़े बेटे को लेकर रामचंद्र के बड़े भाई के घर रहने चली गई थी। पुलिस को मौके से न तो कोई सुसाइड नोट मिला है और न ही कारणों का पता लगा है। पुलिस ने रामचंद्र के पड़ोसियों से भी पूछताछ की है। पूछताछ में पति-पत्नी के बीच झगड़े की कोई बात सामने नहीं आई है। रामचंद्र के मौसी के लड़के मुकेश ने बताया कि रामचंद्र बहुत ही हंसमुख स्वभाव का था। उसने पति-पत्नी के बीच कभी झगड़ा होते नहीं देखा।