चांद बाग की पुलिया। पुलिया के एक और मुस्लिम और दूसरी हिंदू आबादी रहती है। अब यह पुलिया अब एक ऐसा अदृश्य बॉर्डर बन चुकी है, जिसे पार करने की हिम्मत लोग नहीं जुटा पा रहे हैं। आलम यह है कि अगर हिंदू पक्ष को दयालपुर, शेरपुर, मूंगानगर की ओर जाना है, तो लोग खजूरी चौक से ज्ञानी मार्केट होते हुए अपने घरों तक पहुंच रहे हैं।
चांद बाग की पुलिया बनी बॉर्डर, दहशत के कारण एक-दूसरे के इलाके में जाने से डरते हैं लोग
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हटाए जा रहे हैं हिंसा के निशान
भजनपुरा चौक पर मजार के पास से लेकर शेरपुर चौक तक, करावल नगर रोड से लेकर शिव विहार, यमुना विहार, भजनपुरा पेट्रोल पंप, गोकुलपुरी, खजूरीखास, मीत नगर, मौजपुर, जाफराबाद रोड पर हिंसा के दौरान जलीं हुईं गाड़ियां, पत्थर, कांच की बोतलें आदि को हटाने का काम प्रशासन ने शुरू कर दिया है। सुबह से ही पूर्वी दिल्ली नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी, क्रेन, जेसीबी, पानी के ट्रक लेकर प्रभावित इलाकों में पहुंचने लगे हैं। भजनपुरा चौक से लेकर करावल नगर तक सड़कें पत्थरों से पटी हुई हैं।
हिंसा की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा था। हिंसा की इन निशानियों को मौके से हटवाकर प्रशासन लोगों के मन से खौफ हटाने का प्रयास शुरू किया है। लेकिन जली इमारतों और उसके आसपास धुएं से काले हुए मकान अब भी हिंसा की दास्तां बयां कर रहे हैं। हालांकि नुकसान दोनों पक्षों का हुआ है और लोग अब भी खौफजदा हैं। चांदबाग में रहने वाले बाले मियां का कहना है कि चांदबाग से लेकर करावलनगर तक हिंदू पक्ष के लोगों से उनका अच्छा नाता रहा है। घर आना जाना भी था। तीज त्योहार भी मिलकर मनाते थे, लेकिन हिंसा के बाद से लोग एक दूसरे पक्ष के लोगों का चेहरा भी देखना मुनासिब नहीं समझ रहे।
गलियों में पहरा जारी, अफवाहों का दौर भी कम नहीं
अरे भागो, वो आ रहे हैं तैयार हो जाओ, अभी मैंने कुछ लोगों को देखा है। सामने भीड़ जमा हो रही है, पुलिस गायब है। ट्रक में भरकर कुछ आया है, ये ऐसी अफवाहें हैं, जो चांदबाग से लेकर करावलनगर तक खजूरी खास से लेकर गोकुलपुरी तक फैली हुई हैं। अफवाहों का आलम यह है कि लोग गलियों में रात को पहरा दे रहे हैं। शनिवार देर रात भी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों की गलियों में ऐसा ही नजारा देखने को मिला। कई बार पुलिस और सुरक्षा बलों ने गलियों में घुसकर लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। साथ ही लोगों को घर के अंदर रहने की हिदायत की। करावल नगर रोड पर जो सुरक्षाबल तैनात थे। स्थानीय लोग उन्हें चाय पानी, खाना आदि भी देते देखे गए।
दो पक्षों के लोगों को गले में हाथ डालकर पुलिस ने घुमाया
चांद बाग के हिंसा प्रभावित इलाके में पुलिस अधिकारियों ने आपसी सौहार्द बनाने और लोगों के मन की कड़वाहट दूर करने के लिए एक अनोखा प्रयोग किया। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को गले में हाथ डालकर अपने साथ चांदबाग, चंदूनगर, मूंगानगर, खजूरी, नेहरू विहार आदि क्षेत्रों में घुमाया और लोगों को समझाया कि आपसी सौहार्द से ही शांति स्थापित की जा सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की कि अपने प्रतिष्ठान खोले, काम धंधे पर जाएं और अफवाहों पर ध्यान न दें। मौके पर मौजूद लोग पुलिस से शिकायत करते भी नजर आए।
बाजार खुलने लगे, लेकिन पूरी तरह नहीं
भजनपुरा, चांदबाग, यमुना विहार, ब्रजपुरी, गोकुलपुरी, खजूरीखास, मूंगानगर, चंदूनगर, खजूरी खास, शेरपुर चौक, दयालपुर, करावलनगर, सादतपुर, शिवविहार, लालबाग, मौजपुर, जाफराबाद, कर्दमपुरी, मीतनगर इलाकों में बीते पांच दिन से बाजार पूरी तरह बंद थे। लेकिन अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं और जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। बाजार खुल गए हैं। हालांकि दुकानदार भी डर के साये में जी रहे हैं।