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मिलावटखोरों पर सख्त एक्शन: दिल्ली में मिला 131 KG खराब खोया, एक हफ्ते में 1000 किलो पनीर नष्ट; 37 सैंपल लिए

Fri, 28 Aug 2026 09:27 AM IST
अनुज कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पूर्वी दिल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी, पूर्वी दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Fri, 28 Aug 2026 09:27 AM IST
सार

त्योहार से पहले दिल्ली से लेकर एनसीआर तक खाद्य विभाग लगातार मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। दिल्ली में टीम ने 131 किलोग्राम खराब खोया, बेसन और आटा मौके पर ही नष्ट किया। संदिग्ध पनीर, खोया, घी और मिठाइयों समेत 37 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

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Food Department in Delhi destroyed 131 kg of khoya and besan Ahead of Raksha Bandhan
दिल्ली में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रक्षाबंधन से पहले दिल्ली में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने 131 किलोग्राम खराब खोया, बेसन और आटा मौके पर ही नष्ट किया। संदिग्ध पनीर, खोया, घी, मिठाइयों और अन्य खाद्य वस्तुओं के 37 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। त्योहारों पर मिठाई और दूध उत्पादों की मांग बढ़ती है। दिल्ली सरकार ने खाद्य सुरक्षा विभाग को जांच और निगरानी तेज करने के निर्देश दिए हैं। 

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विभाग की टीमें मिठाई बनाने वाली जगहों, मंडियों और बाजारों में छापे मार रही हैं। खाने-पीने की दुकानों और संवेदनशील जगहों पर भी जांच जारी है। खास तौर पर पनीर, खोया, घी और मिठाइयों जैसी अधिक मांग वाली सामग्री जांची जा रही है। अभियान का उद्देश्य मिलावटी सामग्री को बाजार तक पहुंचने से रोकना है। विभाग ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। संदिग्ध उत्पादों के 37 नमूने निर्धारित प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि नमूने मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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अभियान और निरीक्षण
खाद्य सुरक्षा विभाग के उड़नदस्ते ने ओखला, बादली, निहाल विहार और नरेला में मिठाई बनाने वाली जगहों का निरीक्षण किया। ओखला और घंटाघर सब्जी मंडी समेत कई स्थानों पर भी अभियान चला। विभाग उन जगहों पर ध्यान दे रहा है जहां त्योहारों में खाद्य सामग्री की बिक्री बढ़ती है। खाद्य सुरक्षा विभाग मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा, खाद्य सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा।मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थ बनाने, रखने, बांटने या बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। लगातार निरीक्षण और नमूना लेना जारी रहेगा।
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उपभोक्ताओं के लिए सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दिल्लीवासियों को मिठाई खरीदते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ज्यादा रंग वाली, बदबूदार या असामान्य स्वाद वाली मिठाई लेने से बचें। पैक मिठाई की समाप्ति की तारीख अवश्य देखें। भरोसेमंद दुकान से ही मिठाई खरीदें, सस्ते के लालच में गुणवत्ता से समझौता न करें।

गाजियाबाद में खाद्य विभाग का छापा
मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले कारोबारी खाद्य पदार्थों में ऐसे केमिकल तक इस्तेमाल करने से नहीं हिचक रहे हैं, जिनका उपयोग खाने के लिए होता ही नहीं। सुदामापुरी में कपड़े रंगने में इस्तेमाल होने वाले सेफोलाइट केमिकल से रसगुल्ले सफेद करने वाली बिना लाइसेंस की फैक्टरी पकड़ी गई है। 

यहां गंदगी के बीच तैयार हो रहे करीब 250 किलो रसगुल्लों को नष्ट कराया गया और फैक्टरी बंद करा दी गई। रसगुल्लों में कीड़े भी मिले। सेफोलाइट का प्रमुख उपयोग ब्लीचिंग एजेंट के रूप में कपड़ों की रंगाई में किया जाता है। आरोप है कि रसगुल्लों को ज्यादा सफेद और आकर्षक दिखाने के लिए यह केमिकल मिलाया जा रहा था।  पहले भी सुदामापुरी में ऐसी फैक्टरी पकड़ी जा चुकी है।

दिल्ली सप्लाई करने  जा रहा 400 किलो खराब पनीर पकड़ा 
दिल्ली में सप्लाई के लिए दो पिकअप से ले जाया जा रहा करीब 400 किलो खराब पनीर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने लुहारली टोल प्लाजा पर पकड़ लिया। पनीर की गुणवत्ता खराब मिलने पर टीम ने उसे नष्ट करा दिया। साथ ही दो नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान के तहत लुहारली टोल पर वाहनों की जांच की। इसी दौरान दो पिकअप वाहनों में करीब 400 किलो पनीर मिला। पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध मिलने पर उसकी जांच कराई गई। खराब पाए जाने पर पूरे पनीर को नष्ट करा दिया गया। टीम ने पनीर के दो नमूने सुरक्षित किए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।

एक सप्ताह में 1000 किलो पनीर नष्ट : विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जिले में पिछले एक सप्ताह से मिलावटी और खराब पनीर के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान करीब 1000 किलो दूषित पनीर बरामद कर नष्ट कराया जा चुका है। लगातार सामने आ रहे मामलों से साफ है कि दूसरे जिलों और दिल्ली में सप्लाई के लिए जिले से बड़ी मात्रा में पनीर भेजा जा रहा है। 

पहले भी पकड़ा जा चुका है नकली दूध और मिठाई
बुलंदशहर में इससे पहले भी खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में नकली पनीर के साथ दूध और मिठाइयों के नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। कई स्थानों पर मिलावटी दूध और उससे तैयार होने वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री की शिकायतों पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान पनीर, दूध, खोया और मिठाइयों की गुणवत्ता संदिग्ध मिलने पर नमूने लिए गए तथा खराब खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया।

अफसर तब जागे, जब बड़ी मात्रा में माल खपा
रक्षाबंधन के त्योहार पर बड़ी मात्रा में मिठाई की बिक्री होती है। ऐसे में मिलावटखोर भी सक्रिय होते हैं। इसके बाद भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने त्योहार से पहले केवल दो दिन ही अभियान चलाकर खानापूर्ति कर ली। बताया जा रहा है कि टीम की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही मिलावटखोर अपना माल खपा चुके थे। 25 और 26 अगस्त को हुई कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 30 किलो रसगुल्ले, 50 किलो लड्डू, 35 किलो दूषित एवं पुरानी मिठाई, 12 किलो घेवर, 14 किलो फफूंद लगी बर्फी, लड्डू व रसगुल्ला नष्ट कराया। जबकि, 422 किलो विभिन्न प्रकार की मिठाई और सोनपापड़ी को सीज कराया गया। साथ, ही 42 के करीब नमूने जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। जबकि जनपद में सैकड़ों मिष्ठान प्रतिष्ठान और निर्माण इकाइयां संचालित हैं। 

ऐसे में दो दिन की कार्रवाई आंकड़ों में बेहतर लग सकती है, लेकिन इतने बड़े जनपद में सिर्फ दो दिन का अभियान यह भरोसा नहीं दिलाता कि इस रक्षाबंधन पर लोगों को सुरक्षित और मिलावट रहित खाद्य उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा विभाग ममता चौधरी का कहना है कि लगातार मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। लुहारली टोल प्लाजा पर दिल्ली जा रही दो पिकअप में 400 किलो दूषित पनीर पकड़ा है। जिसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली-नोएडा तक हो रही थी आपूर्ति
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष राय ने बताया कि बुधवार देर रात टीम ने सुदामापुरी में कार्रवाई की। यहां कमल किशोर बिना लाइसेंस रसगुल्ले तैयार कर रहा था। टीम ने चार नमूने लिए और फैक्टरी बंद करा दी। पूछताछ में फैक्टरी संचालक ने बताया कि रोजाना 400 से 500 किलो रसगुल्ले तैयार किए जाते थे। इनकी आपूर्ति गाजियाबाद के अलावा नोएडा और दिल्ली की दुकानों में की जा रही थी। बाजार में इन्हें करीब 150 से 250 रुपये किलो तक बेचा जा रहा था।

सेहत के लिए अत्यंत घातक
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा के अनुसार, सेफोलाइट के सेवन से किडनी और लिवर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके अलावा आंतों से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।
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