गाजियाबाद कोतवाली पुलिस ने एक ऐसे असिस्टेंट प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है जो सुबह छात्रों को पढ़ाता था और शाम को आईपीएल मैच पर सट्टा लगवाता था। पुलिस ने असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ ही शेयर ट्रेडर समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। (सभी फोटोः अमर उजाला)
सुबह बच्चों को पढ़ाता था शाम को IPL मैच पर सट्टा लगवाता था असिस्टेंट प्रोफेसर, 15 गिरफ्तार
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बुधवार को उन्होंने दिल्ली और राजस्थान की टीम के मैच पर 50 लाख से ज्यादा रकम का सट्टा लगाया था। वहीं साहिबाबाद पुलिस ने भी आईपीएल मैच पर सट्टा लगवाने वाले आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों गैंग के 15 सट्टेबाजों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। इनके पास से दो कंप्यूटर, दो एलईडी टीवी, सेट टॉप बॉक्स, 17 मोबाइल और 55 हजार की नकदी मिली है।
एसपी सिटी आकाश तोमर ने बताया कि कई दिन से आईपीएल मैचों पर सट्टे की सूचना मिल रही थी। इसके बाद पुलिस टीम को लगाया गया। बुधवार शाम पंचवटी कालोनी के सामने दो युवक फोन के जरिए मैच पर सट्टा लगा रहे थे। दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो सट्टे के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया। उनकी निशानदेही पर आरडीसी की अंसल बिल्डिंग में एक ऑफिस से चल रहे सट्टे के धंधे का पर्दाफाश किया गया। यहां से एक असिस्टेंट प्रोफेसर सचिन कुमार त्यागी निवासी सेवीविला सोसायटी राजनगर एक्सटेंशन समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पकड़े गए अन्य आरोपी बिट्टू उर्फ दीपांशु निवासी पंचवटी, प्रतीक कौशिक निवासी मालीवाड़ा, मनोज निवासी गगन एंकलेव, भाटिया मोड़, गुरप्रीत सिंह निवासी पटेल मार्ग, समीर सैनी निवासी मालीवाड़ा और दीपक गर्ग निवासी मालीवाड़ा हैं। उन्होंने बताया कि सचिन कुमार त्यागी गौतमबुद्धनगर के गलगोटिया इंस्टीट्यूट में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं और गणित पढ़ाते हैं। दीपक गर्ग शेयर ट्रेडर हैं और उसी के ऑफिस से सट्टे का धंधा चलाया जाता था। गैंग में एक बैटरी कंपनी का एग्जीक्यूटिव, फाइनेंसर भी शामिल है। दीपक और सचिन ही सट्टेबाजी का सरगना है। एसपी सिटी ने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर सचिन त्यागी गणित के फार्मूलों का प्रयोग सट्टेबाजी में करता था। इससे मुनाफा अच्छा मिलता था। सट्टेबाजी से होने वाले मुनाफे में 33 फीसदी की हिस्सेदारी सचिन की थी।
मोबाइल एप से पहले पता कर लेते थे हर बॉल का परिणाम पुलिस के मुताबिक इन सट्टेबाजों ने एक मोबाइल एप डाउनलोड कर रखा था। यह एप टीवी पर लाइव मैच से 30 सेकेंड पहले ही हर बॉल का परिणाम दे देता था। इसके जरिए यह प्रत्येक बॉल पर सट्टा लगवाते थे। चौके-छक्के और आउट होने पर भी सट्टा लगाया जाता था। एसपी सिटी का कहना है कि वह गूगल को भी इसकी सूचना भेजेंगे ताकि ऐसे एप्स पर रोक लग सके। ऐसे एप्स की वजह से सट्टे को बढ़ावा मिल रहा है।