{"_id":"5cff4ad2bdec2207826df4a9","slug":"yograj-singh-interview-on-yuvraj-singh-retirement-from-cricket","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"युवराज सिंह के संन्यास से संतुष्ट नहीं पिता योगराज सिंह, बोले- मेरी ख्वाहिश तो अधूरी रह गई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवराज सिंह के संन्यास से संतुष्ट नहीं पिता योगराज सिंह, बोले- मेरी ख्वाहिश तो अधूरी रह गई
Tue, 11 Jun 2019 01:29 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 11 Jun 2019 01:29 PM IST
विज्ञापन
योगराज सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह बेटे के संन्यास से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरी ख्वाहिश तो अधूरी रह गई, जो अब कभी पूरी भी नहीं हो पाएगी, पढ़ें इंटरव्यू।
योगराज सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
योगराज सिंह ने कहा कि मेरा पुत्तर ग्राउंड में बल्ला उठाकर फैंस का शुक्रिया अदा करते हुए संन्यास लेता तो अच्छा होता, पर ऐसा नहीं हो पाया। इसका ताउम्र मलाल रहेगा कि मेरी ये ख्वाहिश पूरी नहीं हो पाई। योगराज सिंह ने बीसीसीआई का धन्यवाद करते हुए कहा कि कैंसर के दौर में बोर्ड ने युवराज सिंह की पूरी मदद की। मेडिकल से लेकर हर प्रकार की सुविधाएं दीं। वह दौर मेरे परिवार के लिए सबसे बुरा दौर था।
योगराज सिंह
योगराज सिंह ने बताया कि आज से लगभग 10 दिन पहले जब वह और युवी एक डॉक्यूमेंट्री के लिए सेक्टर- 16 के स्टेडियम में बैठे थे तो उसने मुझसे अपने रिटायरमेंट की बात बताई। इस बात को लेकर हम एक दूसरे को बाहों में लेकर काफी देर तक बैठे रहे। इस दौरान उसकी आंखाें से आंसू छलक आए और मैं भी काफी भावुक हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
संन्यास लेने के दौरान युवराज सिंह
- फोटो : पीटीआई
कैंसर और घुटना न टूटता तो वर्ल्ड के रिकॉर्ड तोड़ देता युवी
योगराज सिंह ने बताया कि फुटबॉल के खेल में अगर किसी खिलाड़ी का घुटना टूट जाए तो वह शायद की कभी वापसी करता हो। वहीं अगर कैंसर हुआ हो तो मैं नहीं मानता कि वह वापसी करे। लेकिन मेरे बेटे ने घुटना टूटने और कैंसर को मात देने के बाद एक चैंपियन की तरह मैदान पर वापसी की। मैं अपने बेटे को सेल्यूट करता हूं। अगर युवी का घुटना और कैंसर न हुआ होता वह क्रिकेट वर्ल्ड केसारे रिकॉर्ड तोड़ देता।
योगराज सिंह ने बताया कि फुटबॉल के खेल में अगर किसी खिलाड़ी का घुटना टूट जाए तो वह शायद की कभी वापसी करता हो। वहीं अगर कैंसर हुआ हो तो मैं नहीं मानता कि वह वापसी करे। लेकिन मेरे बेटे ने घुटना टूटने और कैंसर को मात देने के बाद एक चैंपियन की तरह मैदान पर वापसी की। मैं अपने बेटे को सेल्यूट करता हूं। अगर युवी का घुटना और कैंसर न हुआ होता वह क्रिकेट वर्ल्ड केसारे रिकॉर्ड तोड़ देता।
विज्ञापन
संन्यास के दौरान युवराज सिंह का परिवार
- फोटो : पीटीआई
योगराज सिंह ने कहा कि मुझे अपने बेटे पर नाज है। उसने मेरी जिद के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया। मेरी भगवान से यही दुआ है कि युवी अगले जन्म में भी मेरा ही बेटा बने और क्रिकेट में देश का नाम रोशन करे। युवी की रिटायरमेंट ग्राउंड में अपने साथी क्रिकेटर और फैंस के सामने होती तो बेहतर होता। यह टीस उनके मन में हमेशा रहेगी। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने कैंसर जैसी बीमारी से जूझते हुए भी देश के लिए अच्छा क्रिकेट खेला। उन्हें अपने बेटे पर फख्र है। योगराज सिंह ने बताया कि युवी ने उनके साथ बैठकर संन्यास का फैसला लिया था। ये मेरा और युवराज सिंह का निर्णय था। हम दोनों वर्ल्ड कप का ही इंतजार कर रहे थे।