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कैंसर का कारण हो सकते हैं 8 लक्षण, इग्नोर न करें बचाव ही उपाय है...और एक नुस्खा 'रामबाण'
Mon, 04 Feb 2019 11:51 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 04 Feb 2019 11:51 AM IST
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cancer patient
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अगर आपको ये 8 लक्षण नजर आ जाएं तो बिल्कुल भी देर न करें, कैंसर की बीमारी हो सकती है। इससे बचाव ही उपाय है, और एक नुस्खा जो रामबाण साबित हो सकता है। डिटेल जानकारी के लिए क्लिक करें।
कैंसर के मरीज
वर्ल्ड कैंसर डे के मौके पर बता रहे हैं कि देश में कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि साल 2030 में कैंसर के केस दोगुने हो जाएंगे। विशेषज्ञ मानते हैं कि कैंसर किसी को भी हो सकता है। एक बार कैंसर हो जाए तो न सिर्फ मरीज बल्कि पूरा परिवार परेशानी में आ जाता है। यह भी सच है कि कैंसर को रोका जा सकता है। समय से पहले टेस्ट और अपनी जीवन शैली को बदलकर करीब 70 फीसदी कैंसर की रोकथाम की जा सकती है। इसके लिए क्या-क्या कदम उठाने चाहिए। पेश से विशेषज्ञों से बातचीत पर आधारित एक रिपोर्ट...
कैंसर के मरीज
क्या हैं कैंसर के शुरुआती लक्षण
पेशाब के दौरान खून आना, शौच के दौरान खून आना, खांसी के दौरान खून आना, बार-बार बुखार का आना, अचानक से वजन का कम होना, ब्रेस्ट में गांठ का बनना, कुछ भी निगलने में दिक्कत होना, मीनोपॉस के बाद भी खून आना
(नोट : ये शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। इस स्थिति में तुरंत डाक्टर से मिलना चाहिए। संभव है कि टेस्ट में कुछ न निकले, लेकिन इन लक्षणों के आने पर तुरंत डाक्टर से संपर्क करना होगा।)
पेशाब के दौरान खून आना, शौच के दौरान खून आना, खांसी के दौरान खून आना, बार-बार बुखार का आना, अचानक से वजन का कम होना, ब्रेस्ट में गांठ का बनना, कुछ भी निगलने में दिक्कत होना, मीनोपॉस के बाद भी खून आना
(नोट : ये शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। इस स्थिति में तुरंत डाक्टर से मिलना चाहिए। संभव है कि टेस्ट में कुछ न निकले, लेकिन इन लक्षणों के आने पर तुरंत डाक्टर से संपर्क करना होगा।)
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कैंसर के मरीज
ब्रेस्ट कैंसर : खुद से जांच करें कि कहीं ब्रेस्ट में कोई गांठ तो नहीं है। 30 वर्ष की आयु से ही चेक करते रहना चाहिए। 35 साल के बाद मेमोग्राफी करवाएं। यदि कुछ नहीं है तो 40 वर्ष की आयु में डाक्टर की सलाह पर एक बार एमआरआई करवाएं।
सरवाइकल कैंसर: 21 साल की उम्र में हर महिला को सरवाइकल कैंसर की जांच करनी चाहिए। 21 से 29 साल तक हर तीसरे साल एक पेप टेस्ट करवाना चाहिए। 30 से 65 साल की उम्र में हर पांच साल में पेप और एचपीवी टेस्ट करवाते रहना चाहिए।
सरवाइकल कैंसर: 21 साल की उम्र में हर महिला को सरवाइकल कैंसर की जांच करनी चाहिए। 21 से 29 साल तक हर तीसरे साल एक पेप टेस्ट करवाना चाहिए। 30 से 65 साल की उम्र में हर पांच साल में पेप और एचपीवी टेस्ट करवाते रहना चाहिए।
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कैंसर के मरीज
मुंह का कैंसर : जो लोग तंबाकू का सेवन करते हैं, उन्हें हर एक साल में मुंह की जांच करवाते रहना चाहिए।
प्रोस्टेट कैंसर : 50 साल की उम्र के बाद प्रोस्टेट कैंसर का चांस बढ़ता है। ऐसे में हर व्यक्ति को पीएसए टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।
प्रोस्टेट कैंसर : 50 साल की उम्र के बाद प्रोस्टेट कैंसर का चांस बढ़ता है। ऐसे में हर व्यक्ति को पीएसए टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।