मां-बाप ही बने बच्चों की जान के दुश्मन, देखिए कैसे?
इस बात में कोई शक नहीं हैं कि मां-बाप ही अपने बच्चों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। इन तस्वीरों को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
मां-बाप ही बने बच्चों की जान के दुश्मन, देखिए कैसे?
जीरकपुर फ्लाईओवर पर हुए हादसे में स्कूल स्टूडेंट की दर्दनाक मौत ने नाबालिगों द्वार गैर-कानूनी तरीके से वाहन चलाए जाने पर सवालिया निशान लगा दिए, लेकिन हादसे सेअभिभावकों ने अभी तक सबक नहीं लिया।
मां-बाप ही बने बच्चों की जान के दुश्मन, देखिए कैसे?
अभी भी स्कूल स्टूडेंट्स चाहे वे लड़के हों या लड़कियां बिना लाइसेंस वाहन चलाते देखे जा सकते हैं। कई नाबालिग तो ट्रिपलिंग भी करते हैं। न केवल चंडीगढ़ में देश भर में यह ट्रेंड देखा जा सकता है।
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अभिभावक भी इतने लापरवाह हैं कि बिना लाइसेंस के ही नाबालिगों को बाइक, स्कूटी या गाड़ी देकर स्कूल भेज देते हैं। कहने को तो स्टेट्स सिंबल होता है, लेकिन वे यह नहीं सोचते कि यह स्टेट्स सिंबल जान का दुश्मन भी बन सकता है।
मां-बाप ही बने बच्चों की जान के दुश्मन, देखिए कैसे?
दूसरी ओर, सड़कों पर खुलेआम घूम रहे इन नाबालिग वाहन चालकों पर लगाम लगाने में पुलिस भी नाकाम साबित हो रही है। स्कूल प्रबंधन भी मामले में कई बार लापरवाही बरतते हैं।