मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे भाजपा के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर खदेड़ा, तस्वीरें
पंजाब के मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे भाजपा किसान मोरचा के कार्यकर्ताओं को चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-37 में भाजपा मुख्यालय के पास ही रोक दिया। इस दौरान बैरीकेट्स पार करने की कोशिश करते कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और उन्हें आगे बढ़ने से रोके रखा।
भाकिमो के कार्यकर्ता सूबे के किसानों की पूर्ण कर्ज माफी की मांग को लेकर सीएम आवास का घेराव करने जा रहे थे। भाकिमो के इस मार्च का नेतृत्व पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल, प्रदेश सचिव विनीत जोशी, किसान मोर्चा के अध्यक्ष व पूर्व विधायक सुखपाल सिंह नन्नू, किसान मोर्चा के महामंत्री कुलदीप भंगेवाला और भगता कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले किसानों का सारा कर्ज माफ करने का वादा किया था, जिसके चलके किसानों ने कांग्रेस को वोट दिए, लेकिन सत्ता में पहुंचते ही कांग्रेस अपने वादे से मुकर गई है।
सुखपाल सिंह नन्नू ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को याद करवाया कि उन्होंने अपने चुनावी वादे के अनुसार पहली कैबिनेट मीटिंग में किसानों का पूर्ण कर्जा माफ नहीं किया, यह वह वादा था, जो उन्होंने गुटका साहिब को हाथ में लेकर किसानों से किया था। उन्होंने कहा कि कैप्टन ने तीन माह बाद विधानसभा में 19 जून को पूर्ण कर्जा माफी से मुकरते हुए पहले तो अधूरी कर्जा माफी की घोषणा की, बाद में वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने वार्षिक बजट में मात्र 1500 करोड़ रुपये रखे और अब तक बैंकों को सरकार ने लिखित रूप में कुछ भी नहीं भेजा।
उन्होंने सवाल किया कि जब तक सरकार बैंकों को लिखकर नहीं भेजेगी और पैसा नहीं देगी, तब तक किसानों का कर्ज खत्म कैसे होगा। उन्होंने कहा कि अब बैंकों ने डिफाल्टर किसानों को नोटिस देने के साथ-साथ उनकी तस्वीरें भी नोटिस बोर्ड पर लगानी शुरू कर दी हैं। नन्नू ने कहा कि एक किसान ने अपने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार कैप्टन अमरिंदर सिंह को ही ठहराया है।