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लॉकडाउन में हुई चार बेहद अजीबोगरीब शादियां, कोई बनी मिसाल तो किसी की हुई जग हंसाई
Mon, 29 Jun 2020 04:51 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 29 Jun 2020 04:51 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना संक्रमण के चलते लगे लॉकडाउन ने शादी करने की चाह रखने वाले युवाओं के अरमानों पर ऐसा पानी फेरा कि ताउम्र याद रहेगा ये वक्त। हम आपको बता रहे हैं, ऐसी ही कुछ अनोखी शादियों के बारे में, जानकर एक बार तो सोच में पड़ जाएंगे।
लॉकडाउन में हुई अनोखी शादी
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना के दौरान अनोखे तरीके से हुई शादी चर्चा का विषय रही। दूल्हे ने दुल्हन को पुराने समय की तरह डोली में बैठाकर विदा कराया। लड़का व लड़की दोनों डेराबस्सी के ही रहने वाले हैं। दुल्हन को ले जाने के लिए विशेष तौर पर अंबाला से डोली मंगवाई थी, जिसमें बैठा कर दुल्हन को कहारों ने ससुराल पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, मेन बाजार कृष्णा मंदिर के पास रहने वाले अंकुर बंसल की सोमवार को मीरा मल्ली निवासी सुरभि के साथ सादे ढंग से शादी हुई। शादी में मास्क लगाना, सामाजिक दूरी सहित 50 मेहमानों को बुलाने जैसे सभी नियमों का पालन किया गया। शादी के बाद दूल्हा डोली में दुल्हन को लेकर विदा हुआ। सोशल मीडिया पर इस शादी को लोगों ने खूब पसंद किया। डोली के आगे दूल्हा घोड़ी पर बैठकर और बराती पैदल वापस आए।
लॉकडाउन में हुई अनोखी शादी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस में कांस्टेबल पद पर कार्यरत युवक-युवती ने लॉकडाउन के चलते अनोखे ढंग से शादी रचाई। जोड़े ने पुलिस नाके पर जयमाला की रस्म निभाकर अपनी जिंदगी में पुलिस की अहमियत पेश की। इससे पहले उन्होंने गुरुद्वारा साहिब में धार्मिक रीति-रिवाज के अनुरूप आनंद कारज करवाया। कपूरथला पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल बिक्रमजीत सिंह का कपूरथला पीसीआर में तैनात कांस्टेबल स्वाति संग विवाह था।
वर-वधू के परिजनों ने मार्कफेड चौक स्थित गुरुद्वारा साहिब में धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार दोनों का आनंद कारज करवाया। इसमें पांच लोग ही शरीक हुए थे। शादी की रस्में पूरी करने के बाद दोपहर करीब तीन बजे बिक्रमजीत सिंह अपनी नई-नवेली दुल्हन को लेकर जब घर जा रहे थे तो रमणीक चौक पर स्पेशल नाके पर वे रुके। वहां एसआई हरिंदर सिंह, एएसआई रमेश चंद्र, एएसआई सुरजीत सिंह, हेड कांस्टेबल अमनदीप कौर व कांस्टेबल मनजोत सिंह ने उनका स्वागत किया।
इस स्वागत के दौरान नए जोड़े ने नाके पर ही वरमालाएं एक-दूसरे को पहनाईं। इसके बाद केक काटकर एक-दूसरे का मुंह भी मीठा करवाया। एसआई हरिंदर सिंह ने वधू को 500 रुपये शगुन के रूप में दिए। वहीं दूल्हा-दुल्हन ने लॉकडाउन के दौरान घरों में ही रहकर पुलिस को सहयोग करने की अपील भी की।
वर-वधू के परिजनों ने मार्कफेड चौक स्थित गुरुद्वारा साहिब में धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार दोनों का आनंद कारज करवाया। इसमें पांच लोग ही शरीक हुए थे। शादी की रस्में पूरी करने के बाद दोपहर करीब तीन बजे बिक्रमजीत सिंह अपनी नई-नवेली दुल्हन को लेकर जब घर जा रहे थे तो रमणीक चौक पर स्पेशल नाके पर वे रुके। वहां एसआई हरिंदर सिंह, एएसआई रमेश चंद्र, एएसआई सुरजीत सिंह, हेड कांस्टेबल अमनदीप कौर व कांस्टेबल मनजोत सिंह ने उनका स्वागत किया।
इस स्वागत के दौरान नए जोड़े ने नाके पर ही वरमालाएं एक-दूसरे को पहनाईं। इसके बाद केक काटकर एक-दूसरे का मुंह भी मीठा करवाया। एसआई हरिंदर सिंह ने वधू को 500 रुपये शगुन के रूप में दिए। वहीं दूल्हा-दुल्हन ने लॉकडाउन के दौरान घरों में ही रहकर पुलिस को सहयोग करने की अपील भी की।
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लॉकडाउन में हुई अनोखी शादी
- फोटो : अमर उजाला
प्यार के सामने किसी का जोर नहीं चलता, इसकी बानगी जीरकपुर में देखने को मिली। जब प्रेमी युगल एक दूजे के हो गए। इन प्रेमी युगल के बीच प्यार जरूर हुआ था, लेकिन भारतीय संस्कृति और परंपराओं को प्राथमिकता देते हुए दोनों शादी के बंधन में बंधे। अगर अभी शादी नहीं होती तो शादी का संयोग प्रेमी युगल की कुंडली में तीन साल बाद बन रहा था।
इसलिए दोनों ने फैसला किया कि कोरोना काल में ही लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए साधारण तरीके से जीरकपुर के वीआईपी रोड स्थित स्प्रिंग डेल टावर टू निवासी सचिन और रेनू ने शादी की। इस शादी के समारोह में लड़के पक्ष की तरफ से छह और लड़की पक्ष की तरफ आठ लोग उपस्थित रहे।
17 को थी शादी, 18 को प्रशासन से मिली अनुमति
सचिन ने बताया कि 17 मई की शादी थी, लेकिन प्रशासन से 18 मई की दिन की शादी की अनुमति मिली थी। क्योंकि पूरे देश में लॉकडाउन का चौथा चरण चल रहा है, जिसके चलते सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन और भीड़ इकट्ठा करने पर पाबंदी है। ऐसे में शादी का सीजन होने की वजह से लोग शादी भी कर रहे हैं, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया।
सचिन हैं बिजनेसमैन, डिप्लोमा कोर्स में हुई थी मुलाकात
सचिन एक बिजनेसमैन है। सचिन ने बताया कि उन्हें कॉलेज में रेनू से प्यार हुआ था। दोनों इंजीनिरिंग में डिप्लोमा कर रहे थे, तब रेनू सचिन की जूनियर थी, कॉलेज में ही दोनों की मुलाकत हुई। पहले दोनों में दोस्ती हुई। उसके बाद प्यार और घर वालों की मर्जी से दोनों ने सांस्कृतिक रीति रिवाज से शादी की है।
इसलिए दोनों ने फैसला किया कि कोरोना काल में ही लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए साधारण तरीके से जीरकपुर के वीआईपी रोड स्थित स्प्रिंग डेल टावर टू निवासी सचिन और रेनू ने शादी की। इस शादी के समारोह में लड़के पक्ष की तरफ से छह और लड़की पक्ष की तरफ आठ लोग उपस्थित रहे।
17 को थी शादी, 18 को प्रशासन से मिली अनुमति
सचिन ने बताया कि 17 मई की शादी थी, लेकिन प्रशासन से 18 मई की दिन की शादी की अनुमति मिली थी। क्योंकि पूरे देश में लॉकडाउन का चौथा चरण चल रहा है, जिसके चलते सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन और भीड़ इकट्ठा करने पर पाबंदी है। ऐसे में शादी का सीजन होने की वजह से लोग शादी भी कर रहे हैं, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया।
सचिन हैं बिजनेसमैन, डिप्लोमा कोर्स में हुई थी मुलाकात
सचिन एक बिजनेसमैन है। सचिन ने बताया कि उन्हें कॉलेज में रेनू से प्यार हुआ था। दोनों इंजीनिरिंग में डिप्लोमा कर रहे थे, तब रेनू सचिन की जूनियर थी, कॉलेज में ही दोनों की मुलाकत हुई। पहले दोनों में दोस्ती हुई। उसके बाद प्यार और घर वालों की मर्जी से दोनों ने सांस्कृतिक रीति रिवाज से शादी की है।
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लॉकडाउन में हुई अनोखी शादी
- फोटो : अमर उजाला
शादी करने के हसीन सपने देखने वाले युवाओं के दिल के अरमां लॉकडाउन में ऐसे बह गए कि आलीशान शादी की जगह बरात में सिर्फ मां-बाप आए। कनाडा के ब्रैंप्टन में रहने वाले मधुरमीत सिंह जालंधर आया था शादी करने के लिए, लेकिन लॉकडाउन के चलते शादी टल गई और वह भी देश में ही रह गया। क्योंकि कनाडा ने भी अपने नागरिकों को वापस बुला लिया है और उसे भी वापस कनाडा लौटना था। इसलिए मधुरमीत ने कीरत से शादी कर ली।
दोनों ने गुरुद्वारा में श्री गुरूग्रंथ साहब की हाजिरी में फेरे लिए। दोनों की शादी की रस्म रिवाज निभाए गए। बरात में मधुरमीत के मां-बाप और दुल्हन के मां-बाप ही शामिल हुए। मधुरमीत का कहना है कि मैंने एक शानदार शादी का सपना देखा था, लेकिन कोरोना और लॉकडाउन ने सभी अरमानों पर पानी फेर दिया। अब कनाडा सरकार ने अपने नागरिकों को वापस बुलाया है, इसलिए शादी कर लेने का फैसला लिया, क्योंकि आगे लॉकडाउन कब तक चलेगा, यह भी पता नहीं है।
दोनों ने गुरुद्वारा में श्री गुरूग्रंथ साहब की हाजिरी में फेरे लिए। दोनों की शादी की रस्म रिवाज निभाए गए। बरात में मधुरमीत के मां-बाप और दुल्हन के मां-बाप ही शामिल हुए। मधुरमीत का कहना है कि मैंने एक शानदार शादी का सपना देखा था, लेकिन कोरोना और लॉकडाउन ने सभी अरमानों पर पानी फेर दिया। अब कनाडा सरकार ने अपने नागरिकों को वापस बुलाया है, इसलिए शादी कर लेने का फैसला लिया, क्योंकि आगे लॉकडाउन कब तक चलेगा, यह भी पता नहीं है।