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सरहिंद नहर में सौ फुट दरार, दो हजार एकड़ फसल तबाह, देखिए तस्वारें

Sat, 30 Jul 2016 09:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बठिंडा
अमर उजाला ब्यूरो, बठिंडा Updated Sat, 30 Jul 2016 09:04 AM IST
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Two thousand acres of crops destroyed at bathinda due to crack in sarhand nahar, punjab,
Sarhind Nahar, Bathinda - फोटो : amar ujala
सरहिंद नहर की बठिंडा ब्रांच में बीड़ तालाब के पास वीरवार रात को करीब सौ फुट की दरार पड़ गई। देखिए लापरवाही से भारी नुकसान की तस्वारें

देखते ही देखते इनमें 30 फुट दरार पड़ गई

Two thousand acres of crops destroyed at bathinda due to crack in sarhand nahar, punjab,
खेतों और पास के घरों में करीब 5 फुट तक पानी - फोटो : amar ujala
सरहिंद नहर की बठिंडा ब्रांच में बीड़ तालाब के पास वीरवार रात को करीब सौ फुट की दरार पड़ गई। रात करीब 9 बजे तक नहर का दूसरा किनारा भी 600 मीटर तक खुर गया। इससे बीड़ तालाब के खेतों और पास के घरों में करीब 5 फुट तक पानी भर गया। नहर टूटने से किसानों की धान और कपास की करीब 2 हजार एकड़ फसल तबाह हो गई है। गांववासियों ने बताया कि वीरवार रात को करीब 9 बजे नहर के किनारे धंसने शुरू हो गए थे। देखते ही देखते इनमें 30 फुट दरार पड़ गई, जो सुबह तक 100 फुट तक पहुंच गई। बहाव ज्यादा होने से कुछ ही समय में पानी खेतों और पास के घरों में भी गया। किसानों के ट्यूबवेल और मोटरें भी पानी में डूब गई हैं।

पानी गांव की ओर बढ़ता रहा

Two thousand acres of crops destroyed at bathinda due to crack in sarhand nahar, punjab,
पानी गांव की ओर बढ़ता रहा - फोटो : amar ujala
रात को भी गांववासी गुरुद्वारा साहिब में मुनियादी करवाकर लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने और अपना बचाव करने की अपील करते रहे। उन्होंने बताया कि सूचित करने के बाद नहरी विभाग के अधिकारी मौके पर जरूर पहुंचे, मगर उनके पास पानी को बंद करने के लिए कोई प्रबंध नहीं था। विभाग व प्रशासनिक अधिकारी पानी कम होने का इंतजार करते रहे, जबकि पानी गांव की ओर बढ़ता रहा। इस दौरान गांववासियों ने अपने स्तर पर दरार भरने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। किसानों ने कहा कि विभाग की लापरवाही से ही उन्हें हर बार भारी नुकसान झेलना पड़ता है। उक्त नहर में पहले भी 4 बार दरार पड़ चुकी है, लेकिन हर बार इसे नई बनाने के बजाय मुरम्मत करके काम चला दिया जाता है। 
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नहर पुरानी होने से किनारे खस्ताहाल हो चुके हैं

Two thousand acres of crops destroyed at bathinda due to crack in sarhand nahar, punjab,
नहर पुरानी होने से किनारे खस्ताहाल हो चुके हैं - फोटो : amar ujala
डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने लोकसभा चुनाव से पहले साल 2013 सरहिंद नहर की बठिंडा ब्रांच का बीबीवाला से मुल्तानियां तक हिस्सा पक्का करने का नींव पत्थर रखा था। इस 40 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए नहरी विभाग की ओर से टेंडर भी निकाले गए थे, लेकिन सरकार की ओर से फंड न जारी होने से नहर का काम अधर में ही लटक गया। नहरी विभाग के एसडीओ हाकम सिंह ने कहा कि नहर के किनारे कच्चे होने से चूहों ने खोखले कर दिए हैं, जिस वजह से यह अकसर टूटते रहते हैं। उन्होंने माना कि नहर पुरानी होने से इसके किनारे खस्ताहाल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह रात समय मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन पानी का बहाव अधिक होने से इसे बंद करना आसान नहीं था।
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