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PGI में हड़ताल, 5 हजार मरीज बेहाल, मची अफरा-तफरी, जानिए वजह
Sat, 30 Jul 2016 09:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Sat, 30 Jul 2016 09:04 AM IST
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डॉ. धनश्री की मौत के मामले में चंडीगढ़ पीजीआई के संवेदनहीन रवैये से खफा जूनियर डॉक्टर शुक्रवार को पांच घंटे हड़ताल पर रहे।
- फोटो : amar ujala
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चंडीगढ़ पीजीआई के संवेदनहीन रवैये से खफा जूनियर डॉक्टर शुक्रवार को पांच घंटे हड़ताल पर रहे। इससे मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। ये है मुख्य कारण, देखिए तस्वीरें
मरीजों को बिना इलाज वापस लौटना पड़ा
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PGI Strike Dr Dhanshri Death Case
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हिट एंड रन में हुई डॉ. धनश्री की मौत के मामले में चंडीगढ़ पीजीआई के संवेदनहीन रवैये से खफा जूनियर डॉक्टर शुक्रवार को पांच घंटे हड़ताल पर रहे। इससे मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। करीब पांच हजार मरीजों को बिना इलाज वापस लौटना पड़ा। मरीजों को ओपीडी के गेट से लौटा दिया गया। गेट पर खड़े सिक्योरिटी गार्ड मरीजों को यह कहकर लौटा रहे थे कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। इलाज नहीं होगा। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। इस दौरान सिक्योरिटी गार्ड और मरीजों के बीच बहस भी हुई। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। इससे मरीजों के साथ आए परिजनों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मरीज पंजाब, हरियाणा व यूपी के दूर-दराज इलाकों से आए थे
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सबसे ज्यादा दिक्कत उन मरीजों को हुई जो पंजाब, हरियाणा व यूपी के दूर-दराज इलाकों से आए थे। कोई सुबह चार बजे घर से निकला था तो कोई तीन बजे। पानीपत से आई सुशीला ने बताया कि वह मां को लेकर आई हैं। वीरवार को इंटरनल मेडिसिन में दिखाया तो वहां से इंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट में रेफर कर दिया। शुक्रवार को पहुंचे तो हड़ताल के कारण वापस लौटना पड़ा। लगातार दूसरे दिन भी उन्हें इलाज नहीं मिला। पंजाब के होशियारपुर से आए सोनू ने बताया कि वह घर से तीन बजे निकला था। सुबह साढ़े सात बजे पीजीआई की कार्ड बनाने वाली लाइन में लग गया। कुछ देर बाद बताया गया कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं, इलाज नहीं होगा। सोनू को लाइन से हटा दिया और बाहर जाने को कहा। सोनू का कहना था कि अगर हड़ताल थी तो पहले से बताना था। इससे परेशानी तो नहीं उठानी पड़ती।
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हालात काबू करने में नाकाम रहा पीजीआई
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रेजिडेंट की हड़ताल और उसके बाद मरीजों पर टूटी आफत को संभालने में पीजीआई पूरी तरह से नाकाम रहा। वीरवार रात तक रेजिडेंट और पीजीआई प्रशासन के बीच कई बार बातचीत हुई। लेकिन सीनियर डॉक्टर और अधिकारी उनकी रणनीति को भांप नहीं पाए। रात को उन्होंने कहा कि वह सिर्फ एक घंटे की शोक सभा करेंगे। सुबह पांच घंटे हड़ताल की घोषणा कर दी। ओपीडी में फैली अफरातफरी को भी संभालने में पीजीआई ने कोई कदम नहीं उठाया गया। सिक्योरिटी गार्ड खुद से मरीजों को कह रहे थे कि हड़ताल है। डॉक्टर इलाज नहीं करेंगे।
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इसलिए की हड़ताल, मानी मांगें
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हड़ताल के बाद पीजीआई ने रेजिडेंट डॉक्टरों की सभी मांगें मान लीं। पीजीआई ने कहा है कि अगर किसी पेशेंट के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसके लिए पीजीआई एंबलेंस उपलब्ध करवाएगा। जरूरत पड़ी तो एयरलिफ्ट भी करवाएगा। सभी रेजिडेंट डॉक्टरों का ग्रुप इंश्योरेंस होगा। बाहर सेंटरों में जाने वाले डॉक्टरों को ट्रांसपोर्ट उपलब्ध करवाएगा। डॉक्टरों के साथ अनहोनी होने पर उन्हें मुआवजा भी दिया जाएगा।
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