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एक साथ 4 बच्चों को दिया जन्म फिर भी 'अभागन' रही मां

Wed, 10 Jun 2015 09:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Wed, 10 Jun 2015 09:33 AM IST
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एक साथ 4 बच्चों को दिया जन्म फिर भी 'अभागन' रही मां

tragedy: hapless mother and death of 4 newborn baby

जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी और सबसे बड़ा गम मिला इस अभागन मां को। एक साथ चार बच्चों को जन्म देने के बावजूद अभागन रह गई ये मां।

एक साथ 4 बच्चों को दिया जन्म फिर भी 'अभागन' रही मां

tragedy: hapless mother and death of 4 newborn baby

एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। इसके बावजूद उसे मां कहने वाला कोई नहीं। दरअसल जन्म होते ही सभी नवजात शिशुओं की मौत हो गई। यह दर्दनाक वाकया हरियाणा के पीजीआई रोहतक का है। परिजनों का आरोप है कि 4 में से 3 बच्चे पैदा होने के बाद जीवित थे। डॉक्टरों ने संभालने की बजाए उन्हें एक साथ कपडे़ में लपेट कर दे दिया जिनसे उनकी मौत हो गई।

एक साथ 4 बच्चों को दिया जन्म फिर भी 'अभागन' रही मां

tragedy: hapless mother and death of 4 newborn baby

पीड़ित महिला के पति ने डॉक्टरों पर लापरवाही व अनदेखी का आरोप लगाते हुए 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को शिकायत दी और कार्रवाई की मांग की है। देर शाम तक चले हंगामे की सूचना पर संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और बताया कि बच्चों की मौत स्वाभाविक थी, इसमें डॉक्टरों की कोई लापरवाही नहीं है। पीड़ित ने अपनी शिकायत पीजीआई थाना में दी है।

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एक साथ 4 बच्चों को दिया जन्म फिर भी 'अभागन' रही मां

tragedy: hapless mother and death of 4 newborn baby

मंगलवार शाम करनाल के असंध से आई गीता ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। इसमें तीन लड़के और एक लड़की थे। महिला की मौसी संतोष व पति संजीव ने रोष जताते हुए बताया कि वे सोमवार रात करनाल से रेफर हो कर रात दस बजे आए थे। मंगलवार साढे़ चार बजे डिलीवरी हुई। डिलीवरी पर जच्चा को बताया गया कि उसके बच्चों का वजन 500-500 ग्राम है। उनका बचना संभव नहीं है वे लेकर क्या करेंगे। इसके बाद सभी बच्चों को डॉक्टर ने एक कपडे़ में लपेट कर दे दिया।

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tragedy: hapless mother and death of 4 newborn baby

आरोप के अनुसार न तो बच्चों को कोई उपचार दिया गया और न ही उनकी जांच की गई। संजीव ने रोष जताते हुए बताया कि डॉक्टरों का कार्य है मरीज के अंदर जान रहने तक उसको उपचार देना, लेकिन पीजीआई के डॉक्टर अपनी मर्यादा भूल चुके हैं। संजीव ने रोष जताते हुए बताया कि डिलीवरी के बाद गीता को वार्ड के बाहर निकाल दिया गया वह बाहर जमीन पर लेटी हुई थी। जब हंगामा हुआ तो उसे वार्ड में ले जाया गया।

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