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पुरातत्व संग्रहालय में इतनी दुर्लभ चीजें, न जागी सरकार तो सब बेकार, देखिए

Sat, 09 Jul 2016 09:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर(हरियाणा) Updated Sat, 09 Jul 2016 09:30 AM IST
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the most rare remnants in the archaeological museum of jhajjar
झज्जर के संग्रहालय में मौजूद दुलर्भ चीजें - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के झज्जर जिले में एक ऐसा संग्रहालय है, जिसमें कई दुर्लभ चीजें संजोकर रखी गई हैं, लेकिन सरकार की बेरुखी के चलते ये सभी चीजें बेकार हो रही हैं।
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झज्जर के संग्रहालय में मौजूद दुलर्भ चीजें - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा निर्माण के आंदोलन के प्रमुख योद्धाओं में रहे स्वामी ओमानंद के नाम पर बनने वाला पुरातत्व संग्रहालय राजनीति में फंस गया है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार में शिलान्यास के करीब दो साल बाद भी अब तक इसकी सुध नहीं ली गई। संग्रहालय के निर्माण से जुड़े लोग राज्य के मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक से गुहार लगा चुके हैं।
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झज्जर के संग्रहालय में मौजूद दुलर्भ चीजें - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने तो साफ कह दिया कि हुड्डा ने शिलान्यास किया है तो वही बनवाएंगे। झज्जर के गुरुकुल महाविद्यालय के 101 साल पुराने संग्रहालय का भवन खस्ताहाल हो गया है। संग्रहालय के भवन में छह कमरे हैं, जो जर्जर हो चुके हैं। इस कारण यहां पर संग्रहीत अमूल्य चीजें खराब हो रही हैं।
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झज्जर के संग्रहालय में मौजूद दुलर्भ चीजें - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2014 में तत्कालीन सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने संग्रहालय का नया भवन बनवाने के लिए शिलान्यास किया था। साथ ही संग्रहालय की देखरेख करने वाले कर्मियों की जिम्मेदारी भी सरकार के स्तर पर उठाने के लिए कहा था। तब से तकरीबन दो साल हो गए, लेकिन सरकार ने इसकी सुध नहीं ली है।
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झज्जर के संग्रहालय में मौजूद दुलर्भ चीजें - फोटो : अमर उजाला
न तो संग्रहालय का भवन बनाने की पहल की जा रही है न ही उसकी देखरेख करने वाले कर्मचारियों को वेतन ही सरकार की ओर से दिया जा रहा है। जबकि सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर का संग्रहालय बनाने की घोषणा के बाद स्वामी ओमानंद सरस्वती पुरातत्व संग्रहालय समिति का गठन किया गया था। संग्रहालय के निर्माण व देखरेख की जिम्मेदारी इस समिति को निभानी है। समिति के अध्यक्ष सीएम हैं और डीसी कोषाध्यक्ष हैं।
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