गायक और पंजाब कांग्रेस के नेता सिद्धू सिंह मूसेवाला की हत्या की सनसनीखेज वारदात में एएन-94 रूसी असॉल्ट राइफल से लेकर एके-47 व सी-30 पिस्तौल के इस्तेमाल ने पंजाब से लेकर केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है। 1994 के एक एवोमैट निकोनोवा मॉडल का इस्तेमाल किया गया था।
सरकार द्वारा उनकी सुरक्षा में कटौती के 24 घंटे से भी कम समय में 29 वर्षीय मूसेवाला की रविवार को दिनदहाड़े मानसा जिले में उनके पैतृक गांव के पास गैंगस्टरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पहले कहा गया था कि अपराध में एके-47 राइफल का इस्तेमाल किया गया। केंद्रीय एजेंसियों के मुताबिक, हथियारों की खेप इतनी आ चुकी है कि पंजाब में पुलिस का इन हथियारों का मुकाबला करना आसान नहीं है।
एएन-94 असॉल्ट राइफल...
एएन-94 रूसी असॉल्ट राइफल का नाम इसके मुख्य डिजाइनर गेनाडी नकोनोव के नाम पर रखा गया है। गेनाडी ने पहले इसी नाम से एक मशीनगन को भी तैयार किया था। इस राइफल को बनाने का काम 1980 में शुरू हुआ और 1994 में पूरा हुआ। मूसेवाला और उसके दो साथियों पर 2 मिनट 30 सेकेंड तक लगातार फायरिंग की गई।
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AN-94 असॉल्ट राइफल
- फोटो : सोशल मीडिया
एनएन-94 राइफल टू राउंड बर्स्ट मोड में प्रति मिनट 600 राउंड और फुल आटो मोड में 1800 गोलियां प्रति मिनट फायर करती है। एएन-94 रूसी असॉल्ट राइफल 900 मीटर या फिर 3000 फीट प्रति सेकेंड की रफ्तार से गोलियां चलाती है। वहीं एके-47 715 मीटर यानी करीब 2000 फीट प्रति सेंकेड की रफ्तार से फायर करती है।
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AN-94 असॉल्ट राइफल
- फोटो : सोशल मीडिया
एएन-94 रूसी असॉल्ट राइफल में 30 से 45 कारतूस की एक बार में भरी जा सकती है जो एके-47 के समान होती है। इसका वजन 3.85 किलोग्राम है। सूत्रों की मानें तो सीधी फायरिंग से बुलेट प्रूफ गाड़ी का शीशा भी यह हथियार क्रास कर सकता है। यह रूस में बनी है और इसको रशियन आर्मी इस्तेमाल करती है। रूस से यह ऑसल्ट पाकिस्तान और वहां से पंजाब आई है।
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C-30 Pistol
- फोटो : फेसबुक
सी-30 पिस्तौल
30 बोर की ऐसी पिस्तौल चीन की बनी होती है, जो पंजाब में गैंगस्टरों की पहली पसंद बनी हुई है। पंजाब में जितने भी बडे़ गैंगवार के मामले सामने आए हैं, उनमें गैंगस्टरों ने ज्यादातर 30 बोर की पिस्तौल का ही प्रयोग किया था। इसकी खासियत यह है कि एक बार लोड करने के बाद उसका ट्रिगर दबा दिया तो फायर मिस नहीं होता, इसी कारण गैंगस्टर ऐसी पिस्तौल को पसंद करते हैं।
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मानसा में अपनी हवेली के सामने सिद्धू मूसेवाला।
- फोटो : instagram
महंगा होने के कारण इसे लाने के लिए गैंगस्टर हमेशा विदेशों से फंडिंग प्राप्त करते हैं। यह पिस्तौल गैंगस्टरों तक भारी संख्या में पहुंच चुकी है। पंजाब पुलिस के एसपी मनप्रीत सिंह ढिल्लों का कहना है कि पुलिस भारी संख्या में पिस्तौल बरामद भी कर चुकी है फिर भी गैंगस्टरों के पास सी-30 पिस्तौल काफी है।