अरब देशों या दुबई में अब फैमिली के साथ रहना आसान नहीं होगा। दरअसल इन देशों ने एक नया नियम लागू कर दिया है, देखिए फायदे में रहेंगे।
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अरब देशों में अब फैमिली के साथ रहना आसान नहीं
दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देश सऊदी अरब ने एक जुलाई से वहां रहने वाले सभी देशों के नागरिकों पर फैमिली टैक्स लगा दिया है। सऊदी अरब में 41 लाख भारतीय काम कर रहे हैं। हालांकि सऊदी अरब में काम करने वाले अधिकतर उत्तर भारतीय वहां अपने परिवार के बिना रह रहे हैं, लेकिन देश के अन्य हिस्सों से सऊदी अरब में काम करने वाले लोग अपने परिवार के साथ ही रहते हैं।
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अरब देशों में अब फैमिली के साथ रहना आसान नहीं
अब उन्हें एक जुलाई से हर भारतीय को प्रति माह प्रति आश्रित के लिए 100 रियाल (1750 रुपये) अदा करने होंगे। इस हिसाब से पत्नी और दो बच्चों के साथ वहां रह रहे हर भारतीय को प्रति माह 5250 रुपये और साल में 63 हजार रुपये का सरकार को टैक्स के रूप में अदा करने होंगे। यह टैक्स 2018 में बढ़ कर 200 रियाल, 2019 में 300 रियाल और 2020 में 400 रियाल हो जाएगा।
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2020 में एक परिवार के लिए यह रकम बढ़ कर 2.52 लाख रुपये पर पहुंच जाएगी। यह टैक्स हर साल पासपोर्ट विभाग के पास रेजिडेंट परमिट रिन्यू करने के वक्त भरना लाजिमी होगा। इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड संस्था की ओर से सऊदी सरकार पर टैक्स बढ़ाने का दबाव बनाया जा रहा है, ताकि गिरती अर्थव्यवस्था को संभाला जा सके।
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अरब देशों में अब फैमिली के साथ रहना आसान नहीं
सऊदी के दामाम शहर में रहने वाले भारतीय अनिल कुमार का कहना है कि आर्थिक संकट के कारण सऊदी अरब की सबसे बड़ी निर्माण कंपनी सऊदी बिन लादेन ने अपने 70 हजार कामगारों की छुट्टी कर दी है। इसके अलावा एक अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनी सऊदी ओजर भी वहां की सरकार द्वारा ब्लैक लिस्ट कर दी गई है, क्योंकि इस कंपनी ने अपने कामगारों को पगार नहीं दी थी।