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दोस्ती को सलामः 20 मुस्लिम परिवारों के लिए गांव में हिन्दू बना रहे हैं मस्जिद
ब्यूरो/अमर उजाला, बरनाला(पंजाब)
Updated Mon, 12 Mar 2018 08:34 PM IST
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मस्जिद का निर्माण
दोस्ती ऐसी हो कि लोगों के लिए मिसाल बन जाए। सुनिए एक गांव में हिन्दुओं और मुसलमानों की दोस्ती की दिलचस्प कहानी, आप गर्व महसूस करेंगे।
मस्जिद का निर्माण
हुआ यूं कि बरनाला के गांव में मुस्लिम समुदाय के 20 परिवारों के लिए हिंदू भाइचारे ने मंदिर की जमीन से दो बिसवा जमीन दान में दी है। यहीं नहीं सिख समुदाय ने मस्जिद के लिए आर्थिक मदद करने का एलान किया है। तीनों समुदायों के बीच धर्मनिरपेक्षता की जबरदस्त मिसाल देखने को मिली है। बता दें कि मंदिर के दूसरे हिस्से में मस्जिद का निर्माण शुरू हो चुका है, जिसे मुकम्मल होने में करीब दो महीने का वक्त लगेगा।
मुस्लिम दोस्त के लिए गांव में बनाई मस्जिद
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब हो कि जिला के गांव मूम में मुस्लिम भाइचारे से संबंधित करीब 20 परिवार हैं। जिन्हें सुबह दोपहर व शाम की नमाज अदा करने के लिए दूर-दराज दौड़धूप करनी पड़ती थी। इस समुदाय ने गांव के हिंदू परिवारों व ब्राह्मणों से मस्जिद बनाने के लिए जगह की मांग की थी। जिस पर विचार विमर्श के बाद हिंदुओं व ब्राह्मण परिवारों ने मुस्लिम परिवारों को स्वीकृति दे दी थी। उधर मस्जिद के निर्माण के लिए आर्थिक मदद के लिए सिख भाइचारे ने भी हाथ बढ़ाए हैं।
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मुस्लिम दोस्त के लिए गांव में बनाई मस्जिद
- फोटो : अमर उजाला
मस्जिद के लिए जगह मांगी थी
गांव मूम निवासी ब्लॉक समिति सदस्य डा. पुरुषोत्तम लाल का कहना है कि करीब दो महीने पहले मुस्लिम भाइचारे के राजा खान, साबर खान, निजाम खान समेत करीब 15 लोगों ने गांव के हिंदू व ब्राह्मण भाईचारे के पंडित राजिंदर शर्मा, गुरमीत शर्मा, प्रकाश शर्मा, लाल शर्मा, सोहन लाल खत्री के पास मस्जिद बनाने के लिए जगह की मांग की थी। जिन्हें गांव के हिंदू समाज ने स्वीकृति देते हुए गांव में स्थित माता रानी के मंदिर की जगह से 2 बिसवा जमीन दान में देने का वचन दिया था।
गांव मूम निवासी ब्लॉक समिति सदस्य डा. पुरुषोत्तम लाल का कहना है कि करीब दो महीने पहले मुस्लिम भाइचारे के राजा खान, साबर खान, निजाम खान समेत करीब 15 लोगों ने गांव के हिंदू व ब्राह्मण भाईचारे के पंडित राजिंदर शर्मा, गुरमीत शर्मा, प्रकाश शर्मा, लाल शर्मा, सोहन लाल खत्री के पास मस्जिद बनाने के लिए जगह की मांग की थी। जिन्हें गांव के हिंदू समाज ने स्वीकृति देते हुए गांव में स्थित माता रानी के मंदिर की जगह से 2 बिसवा जमीन दान में देने का वचन दिया था।
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मस्जिद में नमाज अता करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
उनका कहना है कि मस्जिद के लिए जमीन दान करके समुदाय ने अपना कर्तव्य निभाया है। हमारे गांव में माता रानी का मंदिर है, शिव मंदिर का निर्माण हो रहा है, तकरीबन सभी गांवों में गुरुद्वारे हैं.. तो यहां एक मस्जिद बनाना हमारा हमारा सपना था। गांव के हिंदू, मुसलमान एवं सिख समुदायों द्वारा लिए गए फैसले को लेकर गांव की महिला सरपंच मनजीत कौर का कहना है कि 300 से अधिक वर्षों तक धर्मनिरपेक्ष के तौर पर जाने जाते इस गांव के लोगों का मिल जुलकर रहने का बेहतर इतिहास है।