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फिजियोथेरेपी के लिए अब न लंबी लाइनें चाहिएं और न ही स्पेशलिस्ट, ‘रोबो रिहैब’ कराएगा एक्सरसाइज

Wed, 27 Feb 2019 12:58 PM IST
खुशबू गोयल रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 27 Feb 2019 12:58 PM IST
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Robo Rehab Machine Invented by CSIR CSIO for Physiotherepy in Nominal Charges and Without
फिजियोथेरेपी
फिजियोथेरेपी कराने के लिए अब लोगों को न तो ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत है और न ही लंबी लाइनों में लगकर डॉक्टरों का इंतजार करने की, बल्कि ‘रोबो रिहैब’ एक्सरसाइज कराएगा, जानिए कैसे।
Robo Rehab Machine Invented by CSIR CSIO for Physiotherepy in Nominal Charges and Without
रोबो रिहैब
सीएसआईआर-सीएसआईओ ने मिलकर पहली फुली ऑटोमेटिक मशीन का निर्माण किया है, जिसमें एक बार डाटा फीड करने बाद वह खुद ही फिजियोथेरेपिस्ट की तरह एक्सरसाइज कराएगी। वैज्ञानिकों ने इस मशीन को ‘रोबो रिहैब’ नाम दिया है। रोबो रिहैब की मूवमेंट कैसी है, क्या वह सही से काम कर रहा है या नहीं। इस पर मोबाइल एप की मदद से आप नजर भी रख सकते हैं। इस मशीन के बाजार में आ जाने के बाद बार-बार फिजियोथेरेपी कराने का खर्च भी बचेगा।
Robo Rehab Machine Invented by CSIR CSIO for Physiotherepy in Nominal Charges and Without
फिजियोथेरेपी
एंकल इंजरी कई कारणों से हो सकती है। यदि इनका ठीक से इलाज नहीं किया जाता है, तो दीर्घकालिक समस्याएं हो सकती हैं। वहीं फिजियोथेरेपी इसके उपचार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह प्रक्रिया काफी लंबी चलती है, जिसमें काफी पैसा खर्च होता है। इसको देखते हुए सीएसआईओ के वैज्ञानिकों ने ‘रोबो रिहैब’ बनाने का निर्णय लिया। कई सालों की मेहनत के बाद यह मशीन तैयार है। इसका सफल ट्रायल भी किया जा चुका है। आने वाले कुछ समय में यह बाजार में होगी, जिसकी कीमत करीब 20 हजार रुपये होगी।
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Robo Rehab Machine Invented by CSIR CSIO for Physiotherepy in Nominal Charges and Without
फिजियोथेरेपी
ऐसे काम करेगी मशीन
किसी भी व्यक्ति को एंकल इंजरी है और फिजियोथेरेपी करानी है तो यह मशीन इस्तेमाल करने के लिए डॉक्टर एप में फीड करेगा या मरीज को बताएगा कि कितने डिग्री तक मूमवेंट करनी है, कितनी स्पीड से करनी है और कितनी देर तक करनी है। इसके बाद मरीज मशीन में पैर रखकर सारा डाटा फीड कर देगा और रिलैक्स होकर बैठ जाएगा। डॉक्टर के अनुसार ही मशीन एक्सरसाइज कराना शुरू कर देगी। साथ ही मरीज को ऑटोमेटिक रिपोर्ट भी मुहैया कराएगा, जिसके माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि मरीज कितनी तेजी से ठीक हो रहा है।

 
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फिजियोथेरेपी
मोबाइल एप से रख सकेंगे नजर
इस मशीन का निर्माण भविष्य को ध्यान में रख कर किया गया है, इसलिए इसे मोबाइल एप से जोड़ा गया है। एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति जरूरत के हिसाब से एक्सरसाइज कर सकेगा। उन्होंने बताया कि बाजार में इस टाइप की कोई मशीन उपलब्ध नहीं है। कुछ जगहों पर ऐसी मशीन उपलब्ध है, लेकिन उसे विदेशों से इंपोर्ट किया गया है। भारत में बनी यह पहली मशीन है। इंपोर्ट की गई मशीन की कीमत लाखों में है, जबकि भारत में बनी ‘रोबो रिहैब’ की कीमत महज हजारों में है।
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