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Pics: तालाब की खुदाई चल रही थी, निकल आया कुछ ऐसा देखकर सब हैरान

Sat, 29 Apr 2017 09:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गोहाना(सोनीपत)
ब्यूरो/अमर उजाला, गोहाना(सोनीपत) Updated Sat, 29 Apr 2017 09:28 AM IST
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Rigvedic era remnants bricks wall found during pond digging in sonipat village of haryana
तालाब की खुदाई के दौरान सैकड़ों साल पुरानी दीवार मिली
तालाब की खुदाई चल रही थी। इस दौरान कुछ ऐसा निकलकर सामने आया कि देखकर सभी की आंखें खुली रह गईं। आप भी देखिए तस्वीरों में।
Rigvedic era remnants bricks wall found during pond digging in sonipat village of haryana
तालाब की खुदाई के दौरान सैकड़ों साल पुरानी दीवार मिली
हरियाणा में सोनीपत जिले के गांव कथूरा के एक तालाब की खुदाई के दौरान सैकड़ों साल पुरानी दीवार मिली है। उस दीवार में लगी ईंटों का आकार काफी बड़ा है। इतिहासकारों की मानें तो ये ईंटें राजपूत काल की हो सकती है। राजपूत काल को इतिहास की दृष्टि से पूर्व मध्यकाल की श्रेणी में रखा गया है।
Rigvedic era remnants bricks wall found during pond digging in sonipat village of haryana
तालाब की खुदाई के दौरान सैकड़ों साल पुरानी दीवार मिली
गांव कथूरा के बसने की कहानी भी पूर्व मध्यकाल के आसपास ही शुरू होती है। हालांकि इसके कोई प्रमाण नहीं हैं, लेकिन प्राचीन दीवार मिलने के बाद गांव के इतिहास को प्रमाणिकता मिल रही है। लोगों का कहना है कि अगर इस तालाब की खुदाई पुरातत्व विभाग करे तो इतिहास से जुड़ी काफी बातें सामने आ सकती हैं।
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Rigvedic era remnants bricks wall found during pond digging in sonipat village of haryana
तालाब की खुदाई के दौरान सैकड़ों साल पुरानी दीवार मिली
ग्रामीण पालेराम व अनिल कुमार ने बताया कि कथूरा गांव के खेतों में बने ढ़ीसर नाम के तालाब को खुदाई के लिए इन दिनों खाली करवाया गया है। पानी सूखने के वजह से तालाब का तल दिखाई देने लगा था। वह दोनों घूमने गए तो उनकी नजर वहां पड़ी ईंटों पर गई। इतिहास में रुचि की वजह से अगले दिन उसकी खुदाई करने की सोची।
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Rigvedic era remnants bricks wall found during pond digging in sonipat village of haryana
तालाब की खुदाई के दौरान सैकड़ों साल पुरानी दीवार मिली
खुदाई के बाद काफी चौड़ी दीवार दिखाई दी और इसमें लगी ईंटों के आकार को देखकर ऐसा लग रहा था कि वह काफी पुरानी हो सकती हैं। एमडीयू के इतिहास विभाग के विकास पंवार व संस्कृतिविद् रणबीर फोगाट ने तालाब का मुआयना किया। उनका कहना है कि दीवार में प्रयोग होने वाली ईंट की लंबाई लगभग 16 सेमी व चौड़ाई लगभग नौ सेमी व ऊंचाई तीन सेमी तक है। इस तरह की ईंटे राजपूत काल के आसपास प्रयोग होती थीं।
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