रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया बैंकों के लिए एक ऐसा निर्देश जारी किया है, जो लोगों की मुसीबतें बढ़ाएगा। खबर पढ़िए और शर्त पूरी करने की तैयारी में जुट जाइए।
आरबीआई ने पंजाब के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों को निर्देश दिया है कि वे किसानों द्वारा रोकी गई कर्ज अदायगी को गंभीरता से लें और उसकी वसूली शुरू करें। पंजाब सरकार द्वारा छोटे किसानों के 2 लाख रुपये तक के कर्ज माफ किए जाने की घोषणा के बाद से ही सूबे के सभी किसानों ने राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्जों का भुगतान गत अप्रैल माह से ही रोक दिया है। नतीजतन, बीते तीन महीने में ही इन बैंकों का एनपीए 630 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
बता दें कि आरबीआई की ओर से गत 23 अक्तूबर को एसएलबीसी को भेजे पत्र में कहा गया है कि पंजाब में कुछ बैंक फसल ऋण मंजूर करते समय तय हिदायतों का पालन नहीं कर रहे हैं। वे निर्धारित सीमा से बाहर जाकर कर्ज बांट रहे हैं। आरबीआई ने इसके लिए एफआईडीडी विभाग की अध्ययन रिपोर्ट का हवाला भी अपने पत्र में दिया है। आरबीआई की हिदायतों के तहत पंजाब के राष्ट्रीयकृत बैंकों पर किसानों से कर्ज वसूली का दबाव बढ़ गया है।
हालांकि बैंक कोई सख्ती करने से पहले राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश में राष्ट्रीयकृत बैंकों की मौजूदा हालात पर सोमवार को स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की बैठक में मंथन होगा। वहीं एसएलबीसी अधिकारियों का कहना है कि पंजाब सरकार ने गत 17 अक्तूबर को सूबे के छोटे व मध्यम दर्जे के किसानों के 2 लाख रुपये के कर्ज माफ करने संबंधी नोटिफिकेशन जारी की थी।
लेकिन सरकार ने कर्ज माफी का नोटिफिकेशन तो जारी कर दिया, लेकिन राष्ट्रीयकृत बैंकों को इस संबंध में कोई दिशानिर्देश आज तक जारी नहीं किए हैं। यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कर्ज माफी के दावे दाखिल करने की कट आफ तिथि क्या होगी? इसके अलावा, बैंकों को फाइनल भुगतान के लिए तिथि क्या होगी, यह भी साफ नहीं है। कर्ज माफी की शर्तों के बारे में कोई प्रोफार्मा भी बैंकों के लिए तैयार नहीं किया गया है।