सीनियर पत्रकार केजे सिंह 62 और उनकी माता गुरचरण कौर के मर्डर की असली वजह सामने आई है। वहीं पुलिस ने 33 दिन बाद केस सुलझाने का दावा किया है।
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पत्रकार केजे सिंह और उनकी मां की हत्या
मामले में पुलिस ने बुलंदशहर निवासी गौरव कुमार (27) को काबू किया है। मौजूदा समय में वह चंडीगढ़ के कजहेड़ी में किराए के घर पर रह रहा था। थप्पड़ का बदला लेने के लिए उसने ये हत्याएं की थीं। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने केजे सिंह की फोर्ड आईकॉन कार, माता को मोबाइल फोन, पर्स, घड़ी, एटीएम कार्ड व एलसीडी समेत सेटअप बॉक्स बरामद किया है। यह दावा सेक्टर 76 स्थित जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसएसपी ने किया।
एसएसपी ने बताया कि वीरवार को आरोपी केजे सिंह की फोर्ड आईकॉन लेकर वाईपीएस चौक की तरफ से मोहाली में दाखिल हुआ। पीसीआर को पहले ही फोर्ड ऑइकान पर नजर रखने के लिए कहा गया था। पीसीआर के अतिरिक्त इंचार्ज अजय पाठक भी उसी रोड पर गश्त कर रहे थे। जैसे ही पुलिस की उस पर नजर पड़ी, पुलिस ने उसका पीछा शुरू कर दिया। जब आरोपी एयरपोर्ट रोड पर पहुंचा तो पुलिस की गाड़ियों ने उसे घेर लिया।
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वरिष्ठ पत्रकार केजे सिंह और उनकी मां का कत्ल
पकड़ते ही उससे कार के संबंध में सवाल जवाब किए गए, लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद पुलिस ने कार की तलाशी ली, तो अंदर से केजे सिंह की गाड़ी की सर्विस बुक बरामद हुई। आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने घटना को अंजाम देने की बात कबूल ली। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कजहेड़ी में उसके घर से हत्या में प्रयोग चाकू से लेकर अन्य सारा सामान बरामद कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
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वरिष्ठ पत्रकार केजे सिंह और उनकी मां का कत्ल
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि केजे की हत्या वाले दिन वह फेज-3बी2 स्थित केजे के घर के बाहर पार्क में बैठा हुआ था और उनके घर की तरफ देख रहा था। इस दौरान वहां पर केजे सिंह आ गए थे और उसके इस तरह बैठने पर बहस करने लगे। इतना ही नहीं, उन्होंने उसे थप्पड़ मार दिए थे। इसके बाद उसे यह बात बर्दाश्त नहीं हो रही थी, फिर वह बदला लेने के लिए वहीं रुक गया। रात को दस बजे उसने घर में एंट्री की और हत्या को अंजाम दिया।