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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Concerning: 27.2% of youth in Haryana are neither working nor pursuing education or training.

चिंताजनक : हरियाणा के 27.2 प्रतिशत युवा न काम कर रहे और न पढ़ाई-प्रशिक्षण

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सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की श्रम बाजार का संक्षिप्त विवरण रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में 4.5% है बेरोजगारी की दर
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कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में बेरोजगारी की दर 4.5 प्रतिशत है लेकिन चिंताजनक बात यह है कि राज्य में 27.2 प्रतिशत युवा ऐसे हैं जो न रोजगार में हैं, न पढ़ाई कर रहे हैं और न किसी प्रशिक्षण से जुड़े हैं। पड़ोसी राज्यों से तुलना करें तो हरियाणा में श्रम बाजार से जुड़ाव भी कम है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की सितंबर 2026 में जारी चयनित जिलों के श्रम बाजार का संक्षिप्त विवरण रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में श्रम बल भागीदारी 50.4 प्रतिशत और कामगार जनसंख्या अनुपात 48.1 प्रतिशत है। इसके मुकाबले पंजाब में ये दरें क्रमश: 55.2 और 52.3 प्रतिशत, राजस्थान में 64.5 और 61.7 प्रतिशत तथा हिमाचल प्रदेश में 73.2 और 69.9 प्रतिशत हैं।

सिरसा में काम से जुड़ाव ज्यादा, यमुनानगर में बेरोजगारी ज्यादा

हरियाणा के 10 चयनित जिलों में सिरसा में श्रम बल भागीदारी सबसे अधिक 61.9 प्रतिशत और कामगार जनसंख्या अनुपात 60.8 प्रतिशत है। यहां बेरोजगारी भी सबसे कम 1.8 प्रतिशत है। इसके विपरीत यमुनानगर में श्रम बल भागीदारी 42.1 और कामगार अनुपात 39 प्रतिशत है जबकि बेरोजगारी 7.4 प्रतिशत तक है। युवाओं की स्थिति का दूसरा पहलू और भी अहम है। करनाल में रोजगार, पढ़ाई या प्रशिक्षण से बाहर युवाओं की दर 20.4 प्रतिशत है जो चयनित जिलों में सबसे कम है। सिरसा में यह दर 36.3 और पलवल में 35 प्रतिशत है। सिरसा जिले में बेरोजगारी कम होने के बावजूद बड़ी संख्या में युवा काम, पढ़ाई या प्रशिक्षण से दूर हैं।
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काम से दूरी के ये हैं कारण

रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में श्रम बल भागीदारी कम होने के कई कारण है। खेती पर निर्भरता, पढ़ाई पूरी करने के बाद स्थानीय स्तर पर पर्याप्त अवसर नहीं मिलना और युवाओं के कौशल तथा बाजार की जरूरत में अंतर इसके कारण हैं। रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों या राज्यों की ओर जाना भी स्थानीय स्तर पर रोजगार से जुड़ाव को प्रभावित कर रहा है।
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काम तक पहुंच बढ़ाने के लिए ये हैं सुझाव
रिपोर्ट में अधिक से अधिक लोगों को काम से जोड़ने के लिए कई सुझाव भी दिए गए हैं। जिलों में जरूरत के हिसाब से कौशल प्रशिक्षण बढ़ाया जाए। स्थानीय उद्योगों को प्रशिक्षण संस्थानों से जोड़ा जाए और प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को नौकरी से जोड़ने की व्यवस्था हो। साथ ही यह भी देखा जाए कि प्रशिक्षण के बाद वास्तव में कितने युवाओं को रोजगार मिला।


पड़ोसी राज्यों की ये है स्थिति

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में श्रम बल भागीदारी 83.5 प्रतिशत है जबकि पंजाब के जालंधर में यह आंकड़ा 48 व राजस्थान के जयपुर में 55.3 प्रतिशत है। काम, पढ़ाई या प्रशिक्षण से दूर युवाओं की दर हिमाचल के चंबा में 7.7 प्रतिशत है। इसके मुकाबले पंजाब के गुरदासपुर में 36.4 और राजस्थान के जयपुर में 29.2 प्रतिशत है।

हरियाणा के 10 चयनित जिलों की तस्वीर
जिला श्रम बल भागीदारी
कामगार अनुपात
बेरोजगारी
काम-पढ़ाई-प्रशिक्षण से बाहर युवा
गुरुग्राम
55.4
53.9
2.8
21.8
फरीदाबाद 46.3
43.9
5.2
27.5
सोनीपत 50.5
47.9
5.0
22.3
हिसार
53.0
50.7
4.2
25.3
करनाल 52.5
51.1
2.6
20.4
पानीपत
54.8
52.4
4.3
29.6
सिरसा
61.9
60.8
1.8
36.3
जींद
55.9
54.0
3.4
28.5
यमुनानगर 42.1
39.0
7.4
29.9
पलवल
48.6
46.0 5.3
35.0
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