सरकार की तरफ से बांटे गए गैस सिलेंडर सबसे ज्यादा न यूपी में बटें हैं न ही गुजरात में, बल्कि इस राज्य में बांटे गए है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी उज्जवला योजना के क्रियान्वयन में उनका गृह राज्य गुजरात पिछड़ गया है। जबकि पंजाब पहले नंबर पर है। वहीं इस मामले में चंडीगढ़ दूसरे नंबर पर है। पंजाब में एक साल में कुल दो करोड़ बीस लाख कनेक्शन बांटे गए हैं। 2017-18 में तीन करोड़ और साल 2018-19 में चार करोड़ कनेक्शन दिए जाने की योजना है।
एक मई 2017 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह बात सामने आई है कि तीन तेल कंपनियाें इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल प्रमुख तौर पर इस योजना को घर-घर पहुंचा रही हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ और हरित एलपीजी ईंधन उपलब्ध करवा रहा है।
प्रदेशों में योजना का हाल
उत्तर प्रदेश 74.5, जम्मू-कश्मीर 85.2, छत्तीसगढ़ 48.7, मध्य प्रदेश 56, राजस्थान 77.8, पंजाब 117.6, बिहार 45.5, पश्चिम बंगाल 67, हरियाणा 102.3, उत्तराखंड 95.1, झारखंड 36.8, उड़ीसा 42.9, चंडीगढ़ 104.5, आंध्र प्रदेश 86.5, महाराष्ट्र 84.9, गुजरात 57 प्रतिशत परिवारों तक प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से लाभ मिला है।
गैस कनेक्शन के साथ चूल्हा खरीदना अनिवार्य नहीं
भारत पेट्रोलियम के डिप्टी मैनेजर सौरभ बिश्नोई कहते हैं कि उपभोक्ता को गैस कनेक्शन लेते समय कोई भी गैस एजेंसी गैस चूल्हा लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकती। हां, गैस चूल्हा आईएसआई मार्का का हो। कंपनी के तरफ से सुरक्षा के मद्देनजर टीमें प्रत्येक घरों में फ्री दस्तक देंगी। जो गैस एजेंसियां उपभोक्ता से उनके घर गैस सिलेंडर पहुंचाने पर पैसों का डिमांड करती हैं, उनके गैस एजेंसी रद कर दी जाएगी।