ये योगी आदित्यनाथ की नहीं बल्कि कैप्टन की सरकार है। शहीद के परिजनों को सीने से लगाने के बाद कई बड़े एलान किए।
2 of 8
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पहुंचे शहीद परमजीत सिंह के घर
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रविवार को शहीद परमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शहीद की बड़ी बेटी को नायब तहसीलदार बनाने और बेटे के लिए पुलिस में एएसआई की नौकरी आरक्षित रखने की घोषणा की है।
3 of 8
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पहुंचे शहीद परमजीत सिंह के घर
शोक संतप्त परिवार को हर संभव सहायता देने का एलान करते हुए सीएम ने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्र के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले फोर्स के हर पंजाबी को मुआवजा देने के लिए नियमबद्ध व्यापक नीति शीघ्र ही मंत्रिमंडल के सामने रखेगी। शहीद परमजीत सिंह के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कैप्टन ने कहा कि सरकार शहीद परिवार के आश्रितों के लिये पहले ही घोषित किए गए मुआवजे के अतिरिक्त परिवार द्वारा सरकार से की गई मांग के अनुसार शहीद के दो बड़े बच्चों को नौकरी देगी।
4 of 8
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पहुंचे शहीद परमजीत सिंह के घर
कैप्टन सरकार ने शहीद के परिवार को 12 लाख रुपये की कुल राशि की घोषणा की थी। इसमें शहीद नायब सूबेदार परमजीत सिंह की पत्नी और बच्चों को 5 लाख रुपये और इतनी ही राशि का प्लाट जबकि शहीद के माता-पिता को दो लाख रुपये देना शामिल है।
5 of 8
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पहुंचे शहीद परमजीत सिंह के घर
इसके अतिरिक्त स्थानीय सरकारी रेस्ट हाउस का नाम नायब सूबेदार परमजीत सिंह के नाम पर रखने के लिए एक लाख रुपये देने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के स्कूल और स्टेडियम का नाम भी शहीद परमजीत सिंह के नाम पर रखने की घोषणा की।