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BS3 वाहन खरीद लिया है तो देखिए काम की खबर, नई मुसीबत खड़ी हो गई है

Fri, 21 Apr 2017 09:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब) Updated Fri, 21 Apr 2017 09:22 AM IST
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Punjab DTO Offices Refused to Make RC of BS3 Vehicles
शोरूम संचालकों के फोन नॉट रीचेबल - फोटो : अमर उजाला
डिस्काउंट देखते हुए अगर आपने बीएस3 वाहन खरीद लिया है तो देखिए ये बड़े काम की खबर। दरअसल, आपके लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है।
Punjab DTO Offices Refused to Make RC of BS3 Vehicles
शोरूम पर उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट के एक अप्रैल से बिक्री बैन करने के फैसले के बाद ऑटोमोबाइल कंपनियों से हैवी डिस्काउंट में बीएस-3 व्हीकल खरीदने वाले बुरे फंस गए हैं। डीटीओ दफ्तर ने उनकी रजिस्ट्रेशन यानि आरसी बनाने पर रोक लगा दी है। यह व्हीकल 30 व 31 मार्च को बिके थे, लेकिन डीलरों ने इनको ऑनलाइन नंबर की अलॉटमेंट और टैक्स 1 अप्रैल या उसके बाद जमा किया है।
Punjab DTO Offices Refused to Make RC of BS3 Vehicles
बीएस-3 के सभी वाहन सड़क पर, शोरूम खाली - फोटो : अमर उजाला
डीटीओ दफ्तर का तर्क है कि नंबर इश्यू कराने की तारीख से इन पर बैन लग चुका है, इसलिए रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकते। हालांकि डीलरों का कहना है कि उन्होंने पुरानी डेट में यह गाड़ियां बेची हैं, इसलिए आरसी बनानी नहीं रोकी जा सकती। डीटीओ दफ्तर के पास अभी तक बीएस 3 वाले लगभग चार हजार लोगों की फाइलें पहुंच चुकी हैं, लेकिन इनकी रजिस्ट्रेशन नहीं की जा रही है।
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Punjab DTO Offices Refused to Make RC of BS3 Vehicles
बीएस3 वाहनों के लिए लोगों में धक्का मुक्की
बता दें कि पंजाब में नई गाड़ी को नंबर अलॉट करने की जिम्मेदारी डीलरों को दी गई है। इस मामले में भी डीलर सुप्रीम कोर्ट के बिक्री पर बैन के आदेश का पता चलते ही 30 व 31 मार्च को बेचने में लगे रहे। मगर, उसी दिन उनकी आरसी के लिए ऑनलाइन नंबर अलॉट नहीं कराया। डीलर नंबर अलॉट करने के बाद सारी फाइल डीटीओ दफ्तर भेजते हैं और फिर आरसी बनती है।
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Punjab DTO Offices Refused to Make RC of BS3 Vehicles
बीएस3 वाहनों के लिए लोगों में धक्का मुक्की
मगर, यहां टैक्स जमा कर नंबर अलॉटमेंट में देरी की वजह से पेंच फंस गया है। यही नहीं, आरसी पर डीटीओ दफ्तर के रोक लगाने के बारे में खरीदारों को पता तक नहीं है। वो डीलर से आरसी मिलने का इंतजार करते हुए व्हीकल चला रहे हैं। अगर डीटीओ दफ्तर ने रजिस्ट्रेशन नहीं की तो इन वाहनों को ट्रैफिक पुलिस या डीटीओ महकमा खुद भी जब्त कर सकता है। लुधियाना में ज्यादातर टू-व्हीलर बिके थे।
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