देखिए, सियासत में गर्मी और विधायकों की 'ठंड'
पंजाब विधानसभा के शीतकालीन सत्र की सोमवार को शुरुआत हुई। सत्र में मजीठिया मामले में राजनीति गर्माने के आसार हैं। इससे पहले सत्र के पहले दिन पेशावर में स्कूली बच्चों के कत्लेआम और जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।
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इसके साथ ही सदन ने शहीद भगत सिंह की छोटी बहन प्रकाश कौर सहित बीते सत्र से अब तक दिवंगत हुई शख्सियतों को भी भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। विधानसभा के स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल ने इस मौके पर सभी शोक प्रस्ताव पढ़े और शख्सियतों के परिवारों को सदन की ओर से पारित प्रस्ताव भेजने की घोषणा की। दिवंगत शख्सियतों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
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उधर मजीठिया मामले में कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात पर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने कहा है कि पंजाब कांग्रेस की ओर से विधानसभा सत्र के दौरान अविश्वास प्रस्ताव के बहाने सदन की कार्रवाई में रुकावट डालने की कोशिश की जा रही है। शिअद नेताओं ने कहा कि यह हास्यास्पद है और यह प्रस्ताव विधानसभा में औंधे मुंह गिरेगा।
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सोमवार को जारी बयान में शिअद के वरिष्ठ नेताओं और कैबिनेट मंत्रियों सिकंदर सिंह मलूका, जनमेजा सिंह सेखों, गुलजार सिंह रणिके, डॉ. दलजीत सिंह चीमा और शरनजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा कि कांग्रेस ने विधानसभा सत्र में रुकावटें डालने की कोई योजना बनाई हो।
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उन्होंने कहा कि हर बार सत्र से पहले कांग्रेस नेता बहस के लिए अधिक समय की मांग करते हैं, लेकिन उसके बाद कोई न कोई बहाना बनाकर सदन की कार्रवाई में अड़चन डालने की साजिश रचते हैं। अकाली नेताओं ने कहा कि कांग्रेस जोकि अब तक शीतकालीन सत्र में जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए अधिक समय की मांग कर रही थी, अब अपने राजनीतिक हितों के लिए विधानसभा की कार्रवाई में व्यवधान डालने पर तुली हुई है।