इंसाफ मांग रहे थे, बदले में लाठियां और डंडे खाने को मिले। कईयों के सिर फूटे, एक की तो आंख चोटिल हो गई और खून बहा, तस्वीरों में देखिए क्या था मामला।
हुआ यूं, मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल-भाजपा के कार्यकर्ता ने हजारों की संख्या में एकजुट होकर सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में रैली की। दोपहर करीब 1 बजे सभी कार्यकर्ता, समर्थक रैली ग्राउंड से बाहर निकले और पुलिस की ओर से उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए लगाए बैरिकेड लांघने का प्रयास करने लगे। महिला कार्यकर्ताओं ने पंजाब की कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाए।
विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता रहा और महिला कार्यकर्ताओं समेत अन्यों की भीड़ ने बैरिकेड हटाकर पुलिस को पीछे धकेलना शुरू किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए करीब 1:20 बजे एसएसपी निलांबरी जगदले के निर्देशों पर पुलिसकर्मियों ने स्वयं बैरिकेड हटाकर प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने के लिए उनपर लाठीचार्ज किया और पानी की तेजधार बौछारें की। इससे गुस्साए कार्यकर्ताओं ने भी पुलिसकर्मियों पर पत्थर बरसाए।
पुलिस ने भी जवाब में लाठियां भांजीं। पानी की बौछारों से प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया गया। हेलमेट पहने और बचाव शील्ड लिए पुलिसकर्मी पथराव से स्वयं को बचाकर चंद मिनट के लिए पीछे हटे, लेकिन पुलिस वाटर कैनन की गाड़ियों से प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें लगातार करती रही। इसमें कई प्रदर्शनकारियों की पगड़ी उतर गई और कई घायल भी हुए। पानी की तेजधार बौछारों से बुजुर्ग प्रदर्शनकारियों की जान जोखिम में पड़ी रही।
हालांकि पुलिस ने आंसू गैस के गोले नहीं छोड़े, लेकिन इस टकराव में प्रदेश भाजपा प्रधान विजय सांपला की आंख में चोट आई और कई यूथ अकाली वर्कर जख्मी हुए। कई नेताओं की पगड़ियां भी गिर गईं। सुखबीर बादल, बिक्रम मजीठिया समेत तमाम अकाली नेता वाटर कैनन की चपेट में आए। करीब एक घंटे तक यूटी पुलिस की सांसे अटकी रहीं। आखिर में प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी दी, जिसके बाद आवाजाही बहाल हो सकी।