पुलिस की निर्दयता देखिए, लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
शांति से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे लोग। पुलिस ने रास्ते में रोक लिया और दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। देखिए पुलिसिया कहर की तस्वीरें।
पुलिस की निर्दयता देखिए, लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनका चुनाव से पहले का वायदा याद दिलाने के लिए शांति मार्च कर रहे सरकारी कर्मचारियों पर अफसरों ने जनरल डायर की बदनाम शैली में हमला करवाया। करीब एक हजार निहत्थे कर्मचारियों पर पुलिस कर्मियों का दल पीठ पीछे से लाठियां लेकर टूट पड़ा। इस दल का नेतृत्व कर रहे सेक्टर-11 के थाना प्रभारी नरेंद्र पटियाल खुद भी महिलाओं और बुजुर्ग कर्मचारियों पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसा रहे थे। इस हरकत ने अंग्रेजों के जमाने की पुलिस की याद ताजा कर दी।
पुलिस की निर्दयता देखिए, लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
अफसरों के आदेश पर पुलिस ने यह कहर रविवार दोपहर करीब दो बजे सेक्टर-25 के रैली ग्राउंड के बाहर बरपाया। पुलिस के हमले में महिलाओं और उम्र दराज लोगों को ज्यादा चोट आई क्योंकि वे भाग भी नहीं सके। इस हमले में कुल 12 लोग घायल हुए, जिनमें एक फोटोग्राफर भी शामिल है। एक महिला की तो पैर की हड्डी में फ्रेक्चर है। घायलों को सेक्टर-16 के अस्पताल में ले जाया गया।
पुलिस की निर्दयता देखिए, लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट एसके जैन को तैनात किया गया था। हाउसिंग इंप्लाइज सोसाइटी के बैनर तले सरकारी कर्मचारी रविवार सुबह पहले से तय स्थान सेक्टर-25 के रैली ग्राउंड में पहुंच गए। रैली में कर्मचारियों ने प्रशासन को एक घंटे का समय दिया कि कोई अधिकारी यहां पर आकर उनकी मांग सुने लेकिन जब कोई अधिकारी नहीं आया तो कर्मचारियों ने गवर्नर हाउस जाकर ज्ञापन देने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने दोपहर डेढ़ बजे शांतिपूर्वक पैदल मार्च शुरू किया।
पुलिस की निर्दयता देखिए, लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
प्रदर्शनकारी रैली ग्राउंड से बाहर निकले। पुलिस ने नवोदय स्कूल के सामने पंजाब विश्वविद्यालय को जाने वाली सड़क पर बेरिकेड्स और वाटर केनन तैनात कर दिए। प्रदर्शनकारी सेक्टर-25 की तरफ मुड़ कर शांति पूर्वक आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान पुलिस का एक बड़ा दल पीछे से आया और बिना कोई चेतावनी दिए लाठियां लेकर कर्मचारियों पर टूट पड़ा। पुलिस का अप्रत्याशित हमला देख ज्यादातर कर्मचारी भाग खड़े हुए। मगर जो महिलाएं और उम्र दराज लोग नहीं भाग सके उन पर पुलिस वालों का कहर टूट पड़ा।