इंजीनियरिंग का जीता जागता कमाल है एशिया की ये सबसे लंबी टनल, जो खुलने को तैयार है। इसकी खासियतें जानकर दुनिया भर के इंजीनियर्स चौंक जाएंगे।
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इंजीनियरिंग का कमाल एशिया की सबसे लंबी टनल चिनैनी-नाशरी
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर बनाई गई नौ किलोमीटर लंबी चिनैनी-नाशरी सुरंग तीन अप्रैल से लोगों के लिए खुल जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे देश को समर्पित करेंगे। भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसकी तैयारी में प्रशासन और एनएसजी ने मोर्चा संभाल लिया है। वहीं पीएम मोदी को सुनने के लिए लोगों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है और लोग बेसब्री से उनका इंतजार कर रहे हैं।
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इंजीनियरिंग का कमाल एशिया की सबसे लंबी टनल चिनैनी-नाशरी
इस टनल पर करीब 2519 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसके चालू होने के बाद लोगों को पर्यटनीय स्थल कुद, पटनीटॉप और बोटोट से होकर नहीं जाना पड़ेगा और जो यहां पर बर्फबारी होने से रास्तें बंद हो जाते थे उससे छुटकारा मिल जाएगा। अब लोग और पर्यटक बरोक टोक सुरंग की मदद से सीधा श्रीनगर पहुंच जाएंगे। यह सुरंग 9 किलोमीटर लंबी है। सुरंग के भीतर एक साथ दो वाहन आ जा सकेंगे।
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इंजीनियरिंग का कमाल एशिया की सबसे लंबी टनल चिनैनी-नाशरी
गौरतलब है कि यह देश की सबसे बड़ी टनल है। यह उधमपुर जिले को रामबन जिले से जोड़ेगी। इससे मार्ग की 31 किलोमीटर लंबाई कम होगी और करीब दो घंटे का सफर कम होगा। इस सुरंग का इस्तेमाल करने वालों को टोल देना होगा। इसके निर्माण पर करीब तीन हजार करोड़ रुपये की लागत आई है। यह प्रोजेक्ट बन रहे जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे फोरलेन का हिस्सा है।
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इंजीनियरिंग का कमाल एशिया की सबसे लंबी टनल चिनैनी-नाशरी
जब फोरलेन का काम पूरा होगा तो जम्मू से श्रीनगर का सात घंटे का सफर साढ़े तीन घंटे कम हो जाएगा। इस टनल से कार, जीप, ट्रक और बस ही चल पाएंगे। पैदल व्यक्ति और दोपहिया वाहनों के लिए प्रवेश वर्जित रहेगा। इस सडक़ सुरंग से 5 मीटर तक की ऊंचाई वाले वाहनों को ही जाने की मंजूरी है। डीजल, पेट्रोल, गैस और ज्वलनशील पदार्थ ले जाने वाले भारी व्यसायिक वाहनों पर भी रोक रहेगी।