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हरियाणा में पराली जलाने के मामले बढ़े: दशहरा के बाद आए 42 मामले, पिछले छह वर्षों की तुलना में आंकड़ा कम
Mon, 02 Nov 2026 08:36 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Mon, 02 Nov 2026 08:36 AM IST
सार
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को हांसी और अंबाला में दो-दो मामले सामने आए। अंबाला जिले के अंबाला और साहा क्षेत्रों में मामले चिह्नित किए गए। इसके अलावा जींद के पीलूखेड़ा, कैथल के पुंडरी और कुरुक्षेत्र के बबैन में एक-एक मामला दर्ज किया गया।
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खेत में पराली जलते
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
हरियाणा में दशहरा के बाद पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। राज्य में 20 अक्तूबर यानी दशहरा के दिन तक पराली जलाने के केवल नौ मामले सामने आए थे। इसके बाद 21 अक्तूबर से 1 नवंबर तक 12 दिनों में 33 नए मामले दर्ज किए गए। रविवार को सात नए मामले सामने आने के साथ ही इस सीजन में पराली जलाने के कुल मामलों की संख्या 42 हो गई है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को हांसी और अंबाला में दो-दो मामले सामने आए। अंबाला जिले के अंबाला और साहा क्षेत्रों में मामले चिह्नित किए गए। इसके अलावा जींद के पीलूखेड़ा, कैथल के पुंडरी और कुरुक्षेत्र के बबैन में एक-एक मामला दर्ज किया गया। अब तक सर्वाधिक मामले 28 और 31 अक्तूबर को सामने आए। इन दोनों दिनों में छह-छह स्थानों पर पराली जलाई गई। जिलेवार आंकड़ों में पलवल सात मामलों के साथ सबसे आगे है, जबकि कैथल में अब तक पांच मामले सामने आए हैं।
कैथल के नागल गांव में किसान जितेंद्र सिंह के खेत में फसल अवशेष जलाने की पुष्टि हुई है। विभाग ने किसान पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे पहले मटौर गांव में भी पराली जलाने का मामला सामने आया था।
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राज्य में 59.87 प्रतिशत धान की कटाई पूरी
राज्य में तीन बार हुई बारिश के कारण धान की कटाई का काम लगातार प्रभावित हो रहा है। अब तक 59.87 प्रतिशत धान की कटाई पूरी हो चुकी है। इसमें बासमती धान की 43.96 प्रतिशत और गैर-बासमती धान की 66.15 प्रतिशत कटाई हुई है।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को हांसी और अंबाला में दो-दो मामले सामने आए। अंबाला जिले के अंबाला और साहा क्षेत्रों में मामले चिह्नित किए गए। इसके अलावा जींद के पीलूखेड़ा, कैथल के पुंडरी और कुरुक्षेत्र के बबैन में एक-एक मामला दर्ज किया गया। अब तक सर्वाधिक मामले 28 और 31 अक्तूबर को सामने आए। इन दोनों दिनों में छह-छह स्थानों पर पराली जलाई गई। जिलेवार आंकड़ों में पलवल सात मामलों के साथ सबसे आगे है, जबकि कैथल में अब तक पांच मामले सामने आए हैं।
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कैथल के नागल गांव में किसान जितेंद्र सिंह के खेत में फसल अवशेष जलाने की पुष्टि हुई है। विभाग ने किसान पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे पहले मटौर गांव में भी पराली जलाने का मामला सामने आया था।
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राज्य में 59.87 प्रतिशत धान की कटाई पूरी
राज्य में तीन बार हुई बारिश के कारण धान की कटाई का काम लगातार प्रभावित हो रहा है। अब तक 59.87 प्रतिशत धान की कटाई पूरी हो चुकी है। इसमें बासमती धान की 43.96 प्रतिशत और गैर-बासमती धान की 66.15 प्रतिशत कटाई हुई है।