मुआवजे को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाई। लोगों ने भाग कर किसी तरह से अपनी जान बचाई। तस्वीरें
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मुआवजे के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज
- फोटो : अमर उजाला
मामला पंजाब के लुधियाना का है, जहां फिरोजपुर रोड पर कुछ दिन पहले हुए सड़क हादसे में मिंटू कुमार की मौत के बाद शनिवार को परिजनों ने मुआवजे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मिंटू का शव सड़क पर रखकर रास्ता जाम कर दिया। वहीं पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां बरसाई। पुलिस ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं को भी नहीं बख्शा। इस दौरान महिला पुलिस कम थी।
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मुआवजे के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज
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पुरुष मुलाजिमों ने महिलाओं के साथ मारपीट की और खींचतान की। कुछ ही समय में सभी प्रदर्शनकारी वहां से चले गए। उसके बाद पुलिस ने मिंटू का शव साइड पर करवाया और दो घंटे से बंद फिरोजपुर रोड खुलवाया। इस दौरान थाना सराभा नगर के एसएचओ सब इंस्पेक्टर मोहन लाल घायल हो गए। उन्होंने सिविल अस्पताल में अपना इलाज करवाया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की अगवाई कर रहे कुछ युवकों को हिरासत में भी लिया है।
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मुआवजे के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज
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जानकारी के अनुसार मिंटू कुमार नगर निगम में बतौर ट्यूबवेल आपरेटर काम करता था। 22 फरवरी को वह अपनी बाइक पर किसी काम से जा रहा था। ग्लोबल अस्पताल के सामने एक तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी। वह बुरी तरह से घायल हो गया। वहां मौजूद लोगों ने मिंटू को ग्लोबल अस्पताल में दाखिल कराया, जहां से डॉक्टरों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। वहां शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में परचा दर्ज कर चुकी थी। पुलिस ने कार्रवाई के बाद मिंटू का शव पोस्टमार्टम करवाकर वारिसों के हवाले कर दिया। शनिवार दोपहर को मिंटू के परिजन और रिश्तेदार फिरोजपुर रोड पर पहुंचे और वेरका मिल्क प्लांट के पास रोड जाम कर दिया।
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मुआवजे के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज
कुछ प्रदर्शनकारियों ने बादल परिवार की मिलकियत वाली आर्बिट बस को घेर लिया और उसे जाने नहीं दिया। प्रदर्शन के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गई। मृतक के भाई हरदेश कुमार ने कहा कि चार दिन पहले मामला दर्ज किया गया था, लेकिन आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। इसी वजह से उन्होंने रोड जाम किया है। पुलिस काफी समय तक प्रदर्शनकारियों को समझाती रही, लेकिन प्रदर्शनकारी सुनने को तैयार नहीं थे। उसके बाद एसीपी गिल गुरजीत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाया, लेकिन लोग मुआवजे की मांग पर अड़ गए।