संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर छिड़ा विवाद बढ़ता ही जा रहा है और इसकी असली जड़ चित्तौड़गढ़ है। जानिए क्या है असली इतिहास?
190 करोड़ की लागत से बनी पद्मावती को एक दिसंबर को रिलीज की जानी थी, लेकिन मूवी को लेकर पूरे देश में करणी सेना विरोध-प्रदर्शन कर रही है। करणी सेना का कहना है कि फिल्म में दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के बीच रोमांस को दिखाया गया है, जो इतिहास के साथ छेड़छाड़ है। लेकिन हालत ये हैं कि विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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पद्मावती
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रिलीज होने से पहले ही कई राज्यों में पद्मावती पर बैन लग चुका है। पहले राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में पद्मावती पर बैन लग चुका है। अब गुजरात के मुख्यमंत्री ने ऐलान कर दिया कि फिल्म प्रदेश में रिलीज नहीं की जाएगी। इसलिए भंसाली ने फिल्म की रिलीज को टाल दिया है। भंसाली ने दर्शकों से अपील की है कि वे पहले फिल्म देख लें, उसके बाद ही निर्णय लें कि उसमें कुछ गलत है या नहीं।
बॉलीवुड निर्माता संजय लीला भंसाली ने खिलजी और पद्मावती को केंद्र में रखकर मूवी 'पद्मावती' बनाई। चित्तौड़ की रानी पद्मावती का किरदार एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने निभाया। मूवी में रानी पद्मावती के साथ खिलजी के प्रेम-प्रसंग के दृश्यों को मूवी में दिखाए जाने की बात भी पता चली है। इसलिए फिल्म के कुछ हिस्सों को रानी पद्मावती का अपमान माना जा रहा है।
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पद्मावती
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अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में आए हरियाणा के खेल एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मूवी पर विवाद को सही ठहराया और कहा कि 16000 सेविकाओं के साथ जौहर करने वाली पद्मावती को नाचते हुए दिखाना कहां की समझदारी है। अब सवाल ये है कि मूवी में जो कहानी दिखाई गई है, क्या वो असल में है? आइए हम बताते हैं असली कहानी क्या है...