नोबल विजेता कैलाश सत्यार्थी ने पत्रकारों से अपनी जिंदगी से जुड़ा बेहद अहम राज साझा किया। देखिए तस्वीरें और आप भी जानिए।
नोबल विजेता सत्यार्थी ने खोला जिंदगी से जुड़ा सीक्रेट
कैलाश ने बताया कि उनका चंडीगढ़ से गहरा नाता है। उनकी भतीजी डॉ. मनीषा तिवारी पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टेटिस्टिक विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। वे चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे।
नोबल विजेता सत्यार्थी ने खोला जिंदगी से जुड़ा सीक्रेट
कैलाश बताते हैं कि शांति का नोबेल पुरस्कार देश के सवा सौ करोड़ लोगों को समर्पित कर दिया है। उनके पास न पहले कोई मेडल था और न ही अब है। कैलाश ने कहा कि कि नोबेल पुरस्कार की घोषणा के बाद उन्होंने राष्ट्रपति से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने कहा कि देश के पास एक भी नोबेल नहीं है। रविंद्रनाथ टैगोर को मिला एकमात्र नोबेल मेडल चोरी हो गया। कैलाश ने उसी समय उस मेडल को देश को समर्पित करने का फैसला कर लिया था।
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कैलाश बताते हैं कि बेटियों को जानवरों की तरह बेचा जाता है। असम और अन्य राज्यों से पांच हजार में बेटियों को खरीदकर एक लाख में उनका सौदा किया जाता है। देशभर में भीख मांगने वाले बच्चों के पीछे भी बड़े गिरोह का हाथ है।
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दुनिया भर में पहली बार बाल मजदूरी के खिलाफ आवाज उठाने वाले ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ के संयोजक कैलाश ने कहा कि सरकार को बाल मजदूरी रोकने के लिए गहराई से मंथन करना चाहिए।