निपाह वायरस ने भारतीय सेना और हरियाणा सरकारी की चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है। जानिए क्या मामला है...
निपाह वायरस की आशंका के चलते सेना से लेकर सरकार तक सतर्क हो गई है। वायरस को लेकर हरियाणा सरकार और उत्तर भारत की छावनियों में अलर्ट जारी कर दिया है। सेना में अलर्ट केसाथ-साथ हरियाणा सरकार ने सभी जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को भी अलर्ट भेज दिया हैं। जवानों को जहां नीचे गिरे हुए फलों के सेवन से बचने को कहा गया है, वहीं इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी जवानों व अफसरों को जागरूक करने का निर्णय लिया है।
चूंकि इस वायरस के फैलने की बड़ी वजह चमगादड़ माना जा रहा है। इसलिए आर्मी इलाकों में इसे लेकर ज्यादा गंभीरता बरती जा रही है। दरअसल, सैन्य इलाकों में चमगादड़ों की संख्या काफी ज्यादा है। हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ व हिमाचल की सभी सैन्य छावनियों में ये चमगादड़ पेड़ों पर लटके रहते हैं। अब चूंकि यह बात सामने आ रही है चमगादड़ों द्वारा खाए फलों से ये निपाह वायरस इंसानों तक पहुंचा है।
ये माना जा रहा है कि चमगादड़ों के खाए या छुए फल जब जमीन पर गिरे, तो लोगों ने उनका सेवन किया, जिससे लोग इस वायरस से ग्रस्त हुए और उनकी जानें तक चली गई। इसलिए सभी छावनियों में ये अलर्ट किया गया है कि कोई भी जवान व अन्य जमीन पर गिरे हुए फलों का सेवन कतई न करें, ताकि इस तरह के वायरस की संभावना से बचा जा सके।
वायुसेना के विमानों के लिए बड़ा खतरा भी रहते हैं चमगादड़
वायुसेना के लिए चमगादड़ पहले से ही सिरदर्द रहा है। सेना की यूनिटों के भीतर पेड़ों पर ये चमगादड़ लटके रहते हैं और कभी भी अचानक ऊंची उड़ान भर लेते हैं। जिस वजह से इन सैन्य क्षेत्रों में मौजूद वायुसेना के विमानों को बड़ा खतरा रहता है। ये चमगादड़ अचानक विमानों के सामने आ जाते हैं। इसलिए सैन्य छावनियों में साउंड गनों के जरिए ऊपर पेड़ों की ओर तेज धमाके की आवाज से इन चमगादड़ों को भगाने का प्रयास जवान करते रहते हैं।