'अच्छे रिजल्ट के लिए घंटों किताब लेकर बैठने की जरूरत नहीं। सिर्फ क्लास में टीचर की बातों को ध्यान से सुनना और फिर उसकी प्रेक्टिस करना ही काफी है।'
ये कहना है पंचकूला की नव्या सिंगला का, जिन्होने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में 102 वीं रैंक हासिल कर पूरे हरियाणा का नाम रोशन किया है। प्रशासनिक सेवा के लिए चुने जाने पर खुशी जताते हुए नव्या ने कहा कि आईएएस की परीक्षा मुश्किल जरूर है, लेकिन हौसला और मेहनत हो तो मुकाम हासिल करना आसान है।
नव्या सिंगला ने कहा कि मुझे चुने जाने की तो उम्मीद तो थी लेकिन इतने अच्छे रैंक का अंदाजा नहीं था। सफलता के लिए जरूरी है कि कभी उम्मीद न छोड़ें और 100 फीसदी मेहनत करें।
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पंचकूला की नव्या सिंगला का परिवार
पंचकूला की सेक्टर-8 निवासी नव्या के पिता डॉ. सुरेश सिंगला हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि मां रेणु सिंगला बद्दी स्थित डेंटल कॉलेज में कार्यरत हैं। नव्या को खाली समय में नावल पढ़ना, डांस करना और गिटार बजाने का शौक है।
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पंचकूला की नव्या सिंगला का परिवार
नव्या अपने पिता सुरेश और आईएएस अंकल आरसी जिंदल को रोल मॉडल मानती हैं। नव्या ने बताया कि अच्छे रिजल्ट के लिए घंटों किताब लेकर बैठने की जरूरत नहीं। सिर्फ क्लास में टीचर की बातों को ध्यान से सुनना और फिर उसकी प्रेक्टिस करना ही काफी है।