10 साल की एक मासूम बच्ची भारत में रह रही है, लेकिन वो भारतीय नहीं है। उसकी ये कहानी फिल्म बजरंगी भाईजान से बढ़कर है
पाकिस्तानी हिना अमृतसर सेंट्रल जेल में रमजान के मौके पर चांद से रिहाई मांग रही है। दस साल की हिना की सारी जिंदगी जेल की चारदीवारी में बीती है। उसका कसूर इतना था कि वह जब कोख में थी तो उसकी मां फातिमा को अटारी रेलवे स्टेशन पर हेरोइन की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
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दस साल की हिना पाकिस्तानी है या हिन्दुस्तानी
- फोटो : अमर उजाला
समझौता एक्सप्रेस में उसकी मां फातिमा व मौसी मुमताज आई थी। दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। हिना का जन्म 2008 में हुआ। हिना की मां व मौसी की सजा पूरी हो चुकी है। हिना को पाक भेजने के लिए जुर्माने की रकम करीब चार लाख रुपये सरबत दा भला समाजसेवी संस्था ने जमा करा दी है।
हिना की रिहाई के बीच सबसे बड़ा रोड़ा यह आ रहा है कि पाकिस्तान हिना की रिहाई को लेकर संजीदा नहीं है। हिना का जन्म अमृतसर सेंट्रल जेल में हुआ। अंतरराष्ट्रीय कानून कहता है कि जिस मिट्टी में जन्म हो उस बच्चों को वहां की नागरिकता दी जा सकती है।
अब सवाल यही है कि हिना भारतीय है या पाकिस्तानी। हिना की रिहाई के लिए प्रयासरत एडवोकेट नवजोत कौर चब्बा कहती हैं कि उसके दस्तावेज पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास अधिकारियों को भेजे गए हैं, जैसे ही औपचारिकताएं पूरी होगी, हिना को पाकिस्तान भेज दिया जाएगा।